Shani Dev Temple : शनि देव की पूजा का शास्त्रों में काफी ज्यादा महत्व है और ऐसी मान्यता है कि शनि देव न्याय के देवता है. आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे जहां शनि देव खुद प्रकट हुए थे और यहां शनिदेव का सोलह सिंगार किया जाता है. शनिदेव का यह मंदिर इंदौर में स्थित है और यहां पूजा अर्चना के लिए भक्त बड़े पैमाने पर आते हैं. तो आईए जानते हैं इस मंदिर के बारे में……
ऐसे हुआ था शनि देव के जूनी मंदिर का निर्माण (Shani Dev Temple)
शनि देव के इस मंदिर को लेकर एक कथा प्रचलित है जिसमें बताया गया है कि मंदिर के स्थान पर लगभग 300 साल पहले एक 20 फीट ऊंचा टीला हुआ करता था. यहां पर पुजारी पंडित गोपाल दास तिवारी आकर ठहरा करते थे. गोपाल दास के सपने में शनि देव ने दर्शन देकर कहा की प्रतिमा उस टीले के अंदर दबी हुई है.
शनि देव की बातें सुनकर पंडित जी ने कहा कि वह दृष्टिहीन होने के कारण यह कार्य करने में असमर्थ है इस पर छाया पुत्र ने कहा कि अपनी आंखें खोलो तुम सब देख सकते हो. सपने से जाते हैं गोपाल दास ने अपनी आंखें खोली तो आंखों की रोशनी लौट आई थी और उन्होंने अपने स्वप्न पर यकीन कर लिया और जाकर शनि देव की प्रतिमा को निकले. वहां पर शनि देव की प्रतिमा दिखाई दी .
इस वजह से शनिदेव का होता है सोलह सिंगार
आपको बता दे शनिदेव के प्राचीनतम मंदिरों में से एक यह मंदिर है और यहां उनका राजसिक सिंगार किया जाता है. यहां पर भक्तों की मुरादे पूरी होती है और अगर कोई गलत काम करता है तो उसे सजा मिलती है. शनि देव का क्रोध सदा शांत रहे इसलिए उनके यहां पर सोलह सिंगार किया जाता है इसके अलावा तेल के साथ दूध और जल चढ़ाया जाता है.
अगर कोई भी व्यक्ति बुरे मन से इस मंदिर में जाता है तो शनि देव उसकी पूजा स्वीकार नहीं करते. इस मंदिर का मान्यता काफी ज्यादा है.
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