Shattila Ekadashi 2026: एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। यह एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष में आती है और भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष रूप से समर्पित होती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन तिल से जुड़े कुछ खास कार्य करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
षटतिला एकादशी का नाम ही इस बात का संकेत देता है कि इस दिन तिल से जुड़े छह कार्य करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इन उपायों को करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है।
1. तिल मिले जल से स्नान (Shattila Ekadashi 2026)
षटतिला एकादशी के दिन सुबह स्नान के पानी में काले तिल मिलाकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इससे शरीर और मन की शुद्धि होती है तथा नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
2. तिल का उबटन लगाना
स्नान से पहले तिल को पीसकर उबटन के रूप में शरीर पर लगाना पापों से मुक्ति दिलाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे पूर्व जन्मों के दोष भी शांत होते हैं।
3. तिल से हवन करना
इस दिन तिल की आहुति के साथ हवन करने से वातावरण शुद्ध होता है। तिल से किया गया हवन देवताओं को प्रसन्न करता है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
4. तिल का दान
जरूरतमंदों को तिल, तिल का तेल या तिल से बनी मिठाइयों का दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।ऐसा करने से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और जीवन में स्थिरता आती है।
5. तिल का सेवन
व्रत पारण के समय तिल से बने व्यंजन या तिल के लड्डू का सेवन करने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है और आयु में वृद्धि होती है।
6. तिल से भगवान विष्णु की पूजा
भगवान विष्णु को तिल अर्पित कर विधिपूर्वक पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि षटतिला एकादशी पर की गई पूजा कभी निष्फल नहीं जाती।
षटतिला एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक षटतिला एकादशी का व्रत करता है, उसे अनेक यज्ञों और तीर्थ स्नान के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है।यह व्रत विशेष रूप से आर्थिक, मानसिक और आध्यात्मिक समस्याओं से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है।
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