STP Investment Strategy: निवेश की दुनिया में ज्यादातर लोग SIP को ही सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका मानते हैं। लेकिन बहुत कम निवेशकों को पता है कि SIP से भी ज्यादा स्मार्ट और रणनीतिक तरीका मौजूद है, जिसे STP यानी सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान कहा जाता है। सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह तरीका बिना शोर मचाए लंबी अवधि में करोड़पति बना सकता है।
अखिर क्या है STP? (STP Investment Strategy)
STP का मतलब होता है कि आप एकमुश्त रकम को सीधे शेयर बाजार में लगाने की बजाय पहले उसे डेट या लिक्विड फंड में निवेश करते हैं। इसके बाद तय अंतराल पर उसी रकम का एक हिस्सा इक्विटी फंड में ट्रांसफर किया जाता है। इस प्रक्रिया से बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है और जोखिम भी कंट्रोल में रहता है।
SIP से अलग क्यों है STP?
SIP में आप हर महीने नई रकम निवेश करते हैं, जबकि STP में आप पहले से मौजूद बड़ी राशि को धीरे-धीरे इक्विटी में शिफ्ट करते हैं। जिन लोगों के पास बोनस, प्रॉपर्टी बेचने से मिला पैसा या एकमुश्त सेविंग होती है, उनके लिए STP ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
बाजार के उतार-चढ़ाव में भी फायदे का सौदा
STP की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह निवेशक को गलत समय पर बड़ा रिस्क लेने से बचाता है। अगर बाजार गिरता है तो कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और जब बाजार ऊपर जाता है तो पहले से निवेश किया गया पैसा ग्रोथ दिखाने लगता है। इस तरह STP अपने आप में एक बैलेंस्ड रणनीति बन जाती है।
लंबे समय में बन सकता है बड़ा फंड
मान लीजिए आपने 10 लाख रुपये किसी लिक्विड फंड में लगाए और हर महीने 50 हजार रुपये इक्विटी फंड में ट्रांसफर किए। 10–15 साल की अवधि में कंपाउंडिंग का असर इतना मजबूत हो सकता है कि वही रकम करोड़ों में बदल जाए। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स STP को “साइलेंट वेल्थ क्रिएटर” कहते हैं।
किन निवेशकों के लिए STP बेस्ट है?
- जिनके पास एकमुश्त रकम है
- जो बाजार के जोखिम से डरते हैं
- जो लंबी अवधि में वेल्थ बनाना चाहते हैं
- जो SIP के साथ एक स्मार्ट विकल्प तलाश रहे हैं
टैक्स और अनुशासन दोनों का फायदा
STP निवेश में अनुशासन बनाए रखता है और साथ ही टैक्स प्लानिंग में भी मदद कर सकता है। डेट फंड से इक्विटी में धीरे-धीरे पैसा शिफ्ट करने से टैक्स बोझ एक साथ नहीं पड़ता, जिससे रिटर्न बेहतर मैनेज हो सकता है।
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
- सही डेट और इक्विटी फंड का चयन करें
- ट्रांसफर की अवधि और राशि सोच-समझकर तय करें
- निवेश लक्ष्य और समय सीमा साफ रखें
- जरूरत पड़ने पर फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह लें
STP उन निवेशकों के लिए एक दमदार हथियार है, जो बिना ज्यादा जोखिम लिए लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं। यह तरीका न तो ज्यादा चर्चा में रहता है और न ही ज्यादा शोर मचाता है, लेकिन सही रणनीति के साथ यह आपको चुपचाप करोड़पति बना सकता है। अगर अब तक आप सिर्फ SIP पर निर्भर थे, तो STP को नजरअंदाज करना एक बड़ी चूक हो सकती है।
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