Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) खास ज्योतिषीय संयोग लेकर आ रहा है। यह चंद्र ग्रहण होली 2026 के दिन लगेगा और इसे आंशिक या खंडग्रास चंद्र ग्रहण माना जाएगा। खास बात यह है कि यह ग्रहण शनि की राशि में घटित होगा, जिस कारण इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में देखा जा सकता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण का असर मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। ऐसे में होली जैसे बड़े पर्व पर पड़ने वाला यह ग्रहण लोगों के लिए खास महत्व रखता है।
चंद्र ग्रहण की तारीख (Chandra Grahan 2026)
04 मार्च 2026 (बुधवार)
चंद्र ग्रहण का प्रकार:
आंशिक (खंडग्रास) चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण का समय (अनुमानित):
ग्रहण प्रारंभ: रात लगभग 09:30 बजे
ग्रहण मध्य: रात लगभग 11:15 बजे
ग्रहण समाप्त: देर रात 01:00 बजे
यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी माना जाएगा।
चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है।
सूतक काल प्रारंभ:
04 मार्च 2026 को दोपहर लगभग 12:30 बजे से
सूतक काल समाप्त
ग्रहण समाप्त होने के बाद सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और शुभ कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
शनि की राशि में चंद्र ग्रहण का ज्योतिषीय महत्व

यह चंद्र ग्रहण शनि से संबंधित राशि में लगने के कारण विशेष माना जा रहा है। शनि कर्म, अनुशासन और न्याय का कारक ग्रह है। ऐसे में यह ग्रहण:मानसिक तनाव में वृद्धि,पुराने कर्मों का फल,धैर्य और संयम की परीक्षा,नौकरी, व्यापार और जिम्मेदारियों में बदलाव
जैसे प्रभाव दे सकता है।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें
भोजन पकाना या खाना न खाएं
भगवान की मूर्ति को स्पर्श न करें
शुभ कार्य, विवाह, मुंडन आदि न करें
नकारात्मक सोच से बचें
चंद्र ग्रहण के बाद क्या करें
स्नान कर घर और मंदिर की शुद्धि करें
पूजा स्थल को गंगाजल से साफ करें
मंत्र जाप और ध्यान करें
दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है
तमाम खबरों के लिए हमें Facebook पर लाइक करें Google News, Twitter और YouTube पर फॉलो करें।Vidhan New

