Surya Grahan 2026 : कल लगने वाला सूर्य ग्रहण खगोलीय और धार्मिक दोनों ही दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, लेकिन भारतीय परंपराओं में इसका विशेष आध्यात्मिक महत्व भी बताया गया है। ऐसे में लोग इस दौरान कई तरह की सावधानियां बरतते हैं ताकि किसी भी नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में की गई छोटी-सी गलती भी जीवन पर असर डाल सकती है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी माना जाता है।
Surya Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण के दौरान ना करें ये गलतियां
सूर्य ग्रहण के दौरान सबसे बड़ी गलती सीधे सूर्य को नंगी आंखों से देखना होती है। ऐसा करने से आंखों की रोशनी पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि ग्रहण देखना हो तो केवल प्रमाणित सोलर फिल्टर या विशेष चश्मे का ही उपयोग करें। इसके अलावा कई लोग ग्रहण के समय भोजन कर लेते हैं, जबकि परंपराओं में ग्रहण काल में भोजन न करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इस समय वातावरण में सूक्ष्म परिवर्तन होते हैं जो पाचन और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। उन्हें घर के अंदर रहने, नुकीली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने और अधिक शारीरिक दबाव से बचने की हिदायत दी जाती है। हालांकि ये मान्यताएं आस्था पर आधारित हैं, फिर भी बड़ी संख्या में लोग इन्हें गंभीरता से पालन करते हैं। कई परिवार इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ मानते हैं।
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना, घर की सफाई करना और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। कुछ लोग गंगाजल का छिड़काव भी करते हैं ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सके। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण एक सामान्य खगोलीय प्रक्रिया है, लेकिन सांस्कृतिक मान्यताओं के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। चाहे इसे विज्ञान के नजरिए से देखें या धार्मिक आस्था के रूप में, थोड़ी समझदारी और सतर्कता आपके दिन को सुरक्षित और सकारात्मक बना सकती है।

