8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में रेलवे कर्मचारियों के कुछ संगठनों की ओर से यह मांग उठाई गई है कि आगामी 6 महीनों के भीतर 8th Pay Commission लागू किया जाए। इस मांग के बाद देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों में उत्सुकता और उम्मीद दोनों बढ़ गई हैं।
क्यों तेज हुई चर्चा?
सूत्रों के अनुसार, कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, जीवन-यापन की लागत और वेतन संरचना में असंतुलन को देखते हुए नए वेतन आयोग का गठन जरूरी हो गया है। वर्तमान में वेतन और भत्ते 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय हैं, जिसे 2016 में लागू किया गया था। कर्मचारियों का तर्क है कि बदलते आर्थिक हालात में वेतन ढांचे की समीक्षा समय की मांग है।
कितना बढ़ सकता है न्यूनतम वेतन?
अभी केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये प्रतिमाह है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार, यदि 8वां वेतन आयोग गठित होता है और फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी की जाती है, तो न्यूनतम वेतन 26,000 से 30,000 रुपये या उससे अधिक भी हो सकता है। हालांकि यह केवल संभावित आकलन हैं, आधिकारिक घोषणा के बिना किसी भी आंकड़े की पुष्टि नहीं की जा सकती।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी नजर
वेतन आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभाता है। यदि सरकार फिटमेंट फैक्टर को 3.0 या उससे अधिक तय करती है, तो कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिल सकता है। यही कारण है कि कर्मचारी संगठनों की नजर इस पहलू पर खास तौर पर टिकी हुई है।
सरकार की ओर से क्या स्थिति?
अब तक केंद्र सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। हालांकि, कर्मचारी संगठनों की लगातार मांग और चुनावी वर्ष की नजदीकी को देखते हुए अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले समय में इस पर ठोस निर्णय लिया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन आयोग का गठन एक लंबी प्रक्रिया होती है, जिसमें रिपोर्ट तैयार करने और उसे लागू करने में समय लगता है। इसलिए 6 महीने में पूर्ण रूप से लागू होने की संभावना पर फिलहाल संशय बना हुआ है।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को क्या मिलेगा लाभ?
यदि 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो इसका सीधा लाभ केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ लाखों पेंशनर्स को भी मिलेगा। वेतन, पेंशन, भत्तों और अन्य वित्तीय लाभों में सुधार संभव है, जिससे क्रय शक्ति में बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल स्थिति मांग और चर्चाओं तक सीमित है।
कर्मचारियों को सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें। आने वाले महीनों में सरकार की ओर से यदि कोई ठोस कदम उठाया जाता है, तो यह देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर साबित हो सकती है।

