Holi 2026 Lunar Eclipse: होली 2026 पर चंद्र ग्रहण का साया! प्रेमानंद महाराज की चेतावनी, सूतक काल में भूलकर भी न करें ये काम

Holi 2026 Lunar Eclipse: इस साल होली एक खास धार्मिक संयोग के साथ मनाई जाएगी। होलिका दहन के आसपास पड़ने वाले चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। ऐसे में संत प्रेमानंद महाराज ने सूतक काल को लेकर महत्वपूर्ण बातें बताते हुए श्रद्धालुओं को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ग्रहण का समय डरने का नहीं बल्कि भक्ति और साधना करने का अवसर होता है।

प्रेमानंद महाराज के अनुसार चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है, जिसे धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील समय माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ के नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि सूतक काल में भोजन बनाने और खाने से बचना चाहिए और मन को शांत रखते हुए भगवान का स्मरण करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ग्रहण काल के दौरान नाम जप सबसे प्रभावशाली उपाय माना जाता है। इस समय “राधे-राधे” या अपने इष्ट देव का मंत्र जप करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में किया गया जप सामान्य समय की तुलना में अधिक फलदायी माना जाता है।

प्रेमानंद महाराज ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनके अनुसार ग्रहण के समय तेज धार वाले औजारों का उपयोग करने से बचना चाहिए और घर से बाहर निकलना जरूरी न हो तो टाल देना चाहिए। साथ ही मन को शांत रखकर भगवान का ध्यान करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना और साफ कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। कई लोग घर में गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण भी करते हैं। इसके बाद ही भोजन बनाने और खाने की परंपरा है।

सूतक काल में क्या करें

भगवान का नाम जप करें
मंत्र या भजन सुनें
मन को शांत रखें
धार्मिक पुस्तकों का पाठ करें
सूतक काल में क्या न करें
भोजन न बनाएं और न खाएं
बेवजह घर से बाहर न निकलें
नकारात्मक बातें न करें
झगड़ा या विवाद से बचें

धार्मिक जानकारों के अनुसार होली 2026 पर पड़ने वाला चंद्र ग्रहण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर माना जा रहा है। प्रेमानंद महाराज का कहना है कि यदि श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण किया जाए तो ग्रहण का कोई भी अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता।