LPG crisis: देश के कई हिस्सों में रसोई गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर सामने आई परेशानियों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने और बाजार में गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने उत्पादन से लेकर सप्लाई चेन तक कई अहम फैसले लिए हैं। अधिकारियों के अनुसार बीते तीन दिनों में लगातार बैठकों के बाद कुल 10 बड़े निर्णय लिए गए हैं, जिनका उद्देश्य एलपीजी संकट को जल्द खत्म करना है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक सबसे पहला कदम एलपीजी के उत्पादन को बढ़ाने पर केंद्रित है। देश की प्रमुख रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी क्षमता का अधिकतम उपयोग करते हुए गैस उत्पादन बढ़ाएं। इसके साथ ही विदेशों से एलपीजी आयात बढ़ाने का फैसला भी लिया गया है, ताकि घरेलू बाजार में गैस की कमी न हो।
सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तेल विपणन कंपनियों को लॉजिस्टिक सिस्टम बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। गैस सिलेंडरों की ढुलाई के लिए अतिरिक्त टैंकर और ट्रकों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि डिपो से गैस एजेंसियों तक सिलेंडर तेजी से पहुंच सकें। इसके अलावा उन क्षेत्रों की पहचान की जा रही है जहां गैस की कमी ज्यादा है और वहां प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई बढ़ाई जा रही है।
जमाखोरी के खिलाफ सरकार ने चलाया अभियान (LPG crisis)
सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती करने का भी फैसला किया है। राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय प्रशासन के माध्यम से गैस एजेंसियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स की निगरानी बढ़ाएं। यदि कहीं पर जानबूझकर स्टॉक रोकने या अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह भी तय किया गया है कि जरूरत पड़ने पर कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है, ताकि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा सके। कमर्शियल गैस सिलेंडर से जुड़े मुद्दों की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है, जो बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी।
ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इन फैसलों का असर जल्द ही दिखाई देगा और आने वाले दिनों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता सामान्य होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि देश के किसी भी हिस्से में रसोई गैस की कमी से लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।

