RMS Admission for Civilians: आम नागरिक के बच्चे भी पढ़ सकते हैं राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में, ऐसे मिलेगा एडमिशन, देखें डिटेल्स

RMS Admission for Civilians: अगर आप अपने बच्चे के लिए ऐसा भविष्य चाहते हैं, जहां पढ़ाई के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और देश सेवा का जज्बा विकसित हो, तो Rashtriya Military Schools (RMS) आपके लिए एक शानदार विकल्प बन सकता है।

अक्सर यह माना जाता है कि यहां केवल सेना के परिवारों के बच्चों को ही एडमिशन मिलता है, लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है।
दरअसल, राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में आम नागरिक (सिविलियन) के बच्चों के लिए भी एडमिशन का पूरा मौका होता है। हां, कुछ सीटें रक्षा कर्मियों के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं, लेकिन हर साल कई सीटों पर सामान्य वर्ग के छात्र भी चयनित किए जाते हैं।

एडमिशन प्रक्रिया क्या है?
RMS में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को एक ऑल इंडिया स्तर की प्रवेश परीक्षा देनी होती है। यह परीक्षा मुख्य रूप से कक्षा 6 और 9 में एडमिशन के लिए आयोजित होती है। परीक्षा के बाद इंटरव्यू और मेडिकल फिटनेस टेस्ट भी जरूरी होता है।

इस एग्जाम में गणित, सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी और मानसिक क्षमता से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं, जिससे बच्चे की कुल योग्यता का आकलन किया जाता है।

कौन कर सकता है आवेदन?
कोई भी भारतीय छात्र, जो निर्धारित आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता को पूरा करता है, इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकता है। यानी अगर आप सिविलियन हैं, तब भी आपके बच्चे के लिए यह दरवाजा खुला है।

फीस और अन्य सुविधाएं
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल की फीस अन्य प्राइवेट बोर्डिंग स्कूलों के मुकाबले काफी किफायती होती है। इसके अलावा, कई छात्रों को राज्य सरकारों की ओर से स्कॉलरशिप भी मिलती है, जिससे पढ़ाई का खर्च और कम हो जाता है।

क्यों बढ़ रही है इसकी लोकप्रियता?

आज के समय में जहां माता-पिता अपने बच्चों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक करियर की तलाश में हैं, वहीं RMS एक मजबूत प्लेटफॉर्म देता है। यहां से पढ़ने वाले छात्र आगे चलकर NDA और अन्य रक्षा सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

अगर आपका सपना है कि आपका बच्चा एक दिन देश की सेवा करे और सम्मानजनक जीवन जिए, तो राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल उस सपने को हकीकत में बदलने की मजबूत शुरुआत हो सकता है।

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