Financial Emergency: जिंदगी में कई बार ऐसे मौके आ जाते हैं, जब बिना तैयारी के बड़ी रकम की जरूरत पड़ जाती है। अस्पताल का बिल, घर की कोई जरूरी मरम्मत, बच्चों की फीस या किसी अन्य आपात स्थिति में लोग जल्दबाजी में फैसला ले लेते हैं। सबसे ज्यादा भ्रम इस बात को लेकर होता है कि पर्सनल लोन लेना सही रहेगा या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना? दोनों विकल्प तुरंत राहत तो देते हैं, लेकिन गलत चुनाव आपकी जेब पर लंबे समय तक बोझ डाल सकता है।
हर जरूरत के लिए एक जैसा विकल्प सही नहीं होता
अगर आपको लाखों रुपये की जरूरत है और उसे धीरे-धीरे चुकाने की योजना है, तो पर्सनल लोन ज्यादा व्यवस्थित विकल्प माना जाता है। इसमें बैंक एकमुश्त राशि देता है और तय समय तक EMI के जरिए भुगतान किया जाता है। इससे खर्च पहले से तय रहता है और बजट बिगड़ने की संभावना कम होती है।
दूसरी ओर, यदि जरूरत केवल कुछ हजार या कुछ दस हजार रुपये की है और आप अगले बिलिंग साइकल में पूरा भुगतान कर सकते हैं, तो क्रेडिट कार्ड अधिक सुविधाजनक साबित हो सकता है। इसमें अलग से लोन की प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ता और तुरंत भुगतान किया जा सकता है।
जल्दबाजी में लोग यहीं कर बैठते हैं गलती (Financial Emergency)
कई लोग क्रेडिट कार्ड से बड़ी रकम खर्च कर देते हैं और बाद में पूरा बिल नहीं चुका पाते। इसके बाद ब्याज, लेट फीस और अन्य चार्ज तेजी से बढ़ने लगते हैं। वहीं कुछ लोग छोटी जरूरत के लिए भी पर्सनल लोन ले लेते हैं, जबकि उसकी जरूरत ही नहीं होती। इसलिए राशि और भुगतान की क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला लेना सबसे जरूरी है।
किस स्थिति में क्या चुनें?
- 2 लाख रुपये या उससे अधिक की जरूरत: पर्सनल लोन बेहतर विकल्प हो सकता है।
- 10 से 20 हजार रुपये जैसी छोटी जरूरत: क्रेडिट कार्ड उपयोगी साबित हो सकता है, बशर्ते समय पर पूरा भुगतान कर दें।
- लंबी अवधि में भुगतान करना है: EMI वाला विकल्प ज्यादा सुविधाजनक रहता है।
- एक-दो महीने में पैसा लौटाने की क्षमता है: क्रेडिट कार्ड फायदेमंद हो सकता है।
फैसला लेने से पहले ये खर्च भी समझ लें
सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला न करें। पर्सनल लोन में प्रोसेसिंग फीस और कुछ मामलों में प्री-क्लोजर चार्ज भी हो सकते हैं। वहीं क्रेडिट कार्ड में लेट पेमेंट, फाइनेंस चार्ज और टैक्स जैसे अतिरिक्त शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए कुल लागत का आकलन करना जरूरी है।
वित्तीय विशेषज्ञ की राय
विशेषज्ञों के अनुसार, जिस विकल्प को समय पर चुकाया जा सके, वही सबसे अच्छा विकल्प होता है। अगर भुगतान में देरी होने की संभावना है तो पहले उसकी कुल लागत का हिसाब जरूर लगा लें। इमरजेंसी में लिया गया गलत वित्तीय फैसला आने वाले कई महीनों का बजट बिगाड़ सकता है।
पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड दोनों की अपनी-अपनी उपयोगिता है। सही विकल्प आपकी जरूरत, रकम और भुगतान क्षमता पर निर्भर करता है। बिना तुलना किए कोई भी फैसला लेने से बचें, क्योंकि थोड़ी-सी समझदारी आपको अतिरिक्त ब्याज और अनावश्यक खर्च से बचा सकती है।
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