Arthritis Home Remedies: गठिया (आर्थराइटिस) एक ऐसी समस्या है, जो धीरे-धीरे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगती है। पहले इसे बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, खराब जीवनशैली, बढ़ता वजन, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इसकी एक वजह हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह के साथ कुछ पारंपरिक घरेलू उपाय भी दैनिक देखभाल का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।
हल्दी वाला दूध क्यों माना जाता है फायदेमंद?
भारतीय घरों में हल्दी का इस्तेमाल सिर्फ मसाले के रूप में नहीं, बल्कि घरेलू नुस्खे के तौर पर भी किया जाता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन पर कई शोध हुए हैं, जिनमें इसे सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला बताया गया है।
रात में सोने से पहले गुनगुने दूध में थोड़ी हल्दी मिलाकर पीना कुछ लोगों के लिए आरामदायक हो सकता है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है।
गुनगुने सरसों के तेल से हल्की मालिश
दादी-नानी अक्सर जोड़ों में दर्द होने पर गुनगुने सरसों के तेल से हल्की मालिश करने की सलाह देती हैं। इससे प्रभावित हिस्से में गर्माहट महसूस हो सकती है और कुछ लोगों को अस्थायी राहत भी मिल सकती है।
लेकिन अगर जोड़ लाल हो गए हों, तेज सूजन हो या दर्द लगातार बढ़ रहा हो, तो बिना डॉक्टर की सलाह के मालिश नहीं करनी चाहिए।
मेथी के दाने को करें डाइट में शामिल
रातभर पानी में भिगोए हुए मेथी के दानों का सुबह सीमित मात्रा में सेवन करना एक पारंपरिक घरेलू तरीका माना जाता है।
मेथी में फाइबर और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी हो सकते हैं। यदि आप डायबिटीज या किसी अन्य बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो इसे नियमित रूप से अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अदरक का सेवन भी हो सकता है फायदेमंद
अदरक भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। इसे चाय, काढ़े या भोजन में शामिल किया जा सकता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार अदरक शरीर में सूजन कम करने में सहायक माना जाता है। संतुलित मात्रा में इसका सेवन दैनिक आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।
रोज थोड़ी देर टहलना और हल्की एक्सरसाइज करें
गठिया की समस्या होने पर पूरे दिन आराम करना सही नहीं माना जाता। डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की स्ट्रेचिंग, योग या रोजाना 20 से 30 मिनट तक टहलना जोड़ों को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है। इससे शरीर की लचीलापन बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।
खानपान में छोटी-छोटी बातें रखें याद
जोड़ों की बेहतर सेहत के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दालें, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। वहीं तला-भुना, ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड फूड कम मात्रा में खाने की कोशिश करें। यदि वजन सामान्य रहेगा तो जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव भी कम पड़ेगा।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर जोड़ों का दर्द कई दिनों तक बना रहे, सूजन लगातार बढ़ रही हो, चलने-फिरने में दिक्कत हो रही हो या बुखार के साथ दर्द महसूस हो रहा हो, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है। ऐसी स्थिति में किसी हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ या चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है। समय पर इलाज शुरू होने से समस्या को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
घरेलू उपाय अपनाएं, लेकिन इलाज का विकल्प न समझें
दादी मां के घरेलू नुस्खे हमारी परंपरा का हिस्सा रहे हैं और कई लोग इन्हें अपनाकर राहत महसूस करने की बात बताते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है।
इसलिए इन उपायों को केवल सहायक देखभाल के रूप में अपनाएं। नियमित जांच, डॉक्टर की सलाह, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली ही गठिया जैसी समस्या से लंबे समय तक राहत पाने का सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।

