Psychology Facts: क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ लोग सोचते समय, काम के दबाव में या खाली बैठे-बैठे अपने नाखून चबाने लगते हैं? यह आदत देखने में भले ही छोटी लगे, लेकिन इसके पीछे इंसान की भावनाओं और दिमागी स्थिति का कनेक्शन हो सकता है। मनोविज्ञान के अनुसार नाखून चबाना कई बार तनाव, चिंता या किसी परेशानी से निपटने के तरीके के रूप में सामने आ सकता है।
नाखून चबाने की आदत क्यों लगती है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, जब व्यक्ति किसी बात को लेकर परेशान होता है या उसके दिमाग में लगातार विचार चलते रहते हैं, तो वह अनजाने में नाखून चबाने लगता है। कुछ लोगों के लिए यह आदत कुछ समय के लिए बेचैनी कम करने का जरिया बन जाती है।
हालांकि हर नाखून चबाने वाले व्यक्ति को तनाव में समझना सही नहीं है। कई बार यह सिर्फ एक पुरानी आदत होती है, जो लंबे समय से व्यक्ति के व्यवहार का हिस्सा बन चुकी होती है।
खाली समय और बोरियत में भी बढ़ सकती है यह आदत
कई लोगों को लगता है कि नाखून चबाना सिर्फ तनाव से जुड़ा होता है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। जब व्यक्ति खाली बैठा होता है या उसका ध्यान किसी खास काम में नहीं लगा होता, तब भी यह आदत शुरू हो सकती है।
कई बार दिमाग किसी छोटी गतिविधि की तलाश करता है और व्यक्ति बिना सोचे-समझे नाखून चबाने लगता है। यही वजह है कि कुछ लोगों को टीवी देखते, पढ़ते या मोबाइल चलाते समय भी यह आदत हो जाती है।
बचपन की आदत बन सकती है बड़ी परेशानी (Psychology Facts)
नाखून चबाने की शुरुआत अक्सर बचपन में होती है। बच्चों में परीक्षा का डर, घबराहट या किसी नई परिस्थिति के कारण यह आदत विकसित हो सकती है। अगर समय पर इसे नियंत्रित न किया जाए तो यह आदत उम्र बढ़ने के साथ भी जारी रह सकती है।
बार-बार नाखून चबाने से हो सकते हैं ये नुकसान
लगातार नाखून चबाने से नाखून कमजोर हो सकते हैं और उंगलियों की त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा हाथों पर मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया मुंह तक पहुंचने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। कुछ मामलों में दांतों और मसूड़ों पर भी इसका असर देखा जा सकता है।
इस आदत को छोड़ने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
अगर आप इस आदत से छुटकारा पाना चाहते हैं तो सबसे पहले ध्यान दें कि आप कब और किस स्थिति में नाखून चबाते हैं। कारण समझने के बाद इसे रोकना आसान हो सकता है।
तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन, गहरी सांस लेने की आदत या अपनी पसंद के काम में समय बिताना मददगार हो सकता है। इसके अलावा हाथों को व्यस्त रखने के लिए स्ट्रेस बॉल, पेन या किसी दूसरी गतिविधि का सहारा लिया जा सकता है।
सिर्फ इस आदत से किसी की पर्सनैलिटी तय नहीं होती
नाखून चबाने की आदत देखकर किसी व्यक्ति को कमजोर या तनावग्रस्त मान लेना सही नहीं है। हर इंसान की आदतों के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। अगर यह आदत कभी-कभार होती है तो चिंता की बात नहीं, लेकिन अगर यह लगातार बढ़ रही है और खुद को रोकना मुश्किल हो रहा है, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर हो सकता है।
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