PoJK और बलूचिस्तान में बढ़ा तनाव, विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तानी सेना का बड़ा दावा<

PoJK: PoJK और बलूचिस्तान में जारी विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा अभियान और हालिया हिंसक घटनाओं के कारण पूरे क्षेत्र पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है। एक ओर पाकिस्तान की सेना हालात सामान्य होने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन और सुरक्षा कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

PoJK: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) और बलूचिस्तान में जारी विरोध प्रदर्शनों ने एक बार फिर पाकिस्तान सरकार और सेना की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में लोग स्थानीय समस्याओं, सुरक्षा कार्रवाई और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि दोनों क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

सेना बोली- आम नागरिकों से होगा सीधा संवाद

पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि सरकार और सेना का उद्देश्य बलूचिस्तान के आम नागरिकों से सीधे संवाद करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कबीलाई नेताओं के बजाय आम लोगों की बात सुनी जाएगी। उनके अनुसार पाकिस्तान का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और कानून सभी पर एक जैसा लागू होता है।

PoJK बलूचिस्तान की स्थिति पर सेना ने दी सफाई

सेना ने कहा कि बलूचिस्तान को लेकर कई तरह की भ्रामक जानकारियां फैलाने की कोशिश की जा रही है। ISPR के मुताबिक सुरक्षा बल केवल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं जो हिंसक गतिविधियों या आतंकवादी घटनाओं में शामिल हैं। सेना का दावा है कि आम नागरिकों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।

लापता लोगों के मामलों पर भी आया बयान

पाकिस्तानी सेना के अनुसार, बलूचिस्तान में कथित लापता लोगों से जुड़े 201 आवेदन मिले हैं। सेना का कहना है कि इनमें कुछ ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं जो पहले ही आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान मारे जा चुके हैं। अधिकारियों का दावा है कि सभी मामलों की जांच तय प्रक्रिया के तहत की जा रही है।

आतंकियों से बातचीत की संभावना से किया इनकार

ISPR प्रमुख ने कहा कि हथियार उठाने वाले समूहों के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं बची है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आत्मसमर्पण करता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी, लेकिन हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

छह मजदूरों की हत्या से बढ़ी चिंता

इसी बीच बलूचिस्तान में अपहृत छह मजदूरों के शव मिलने से हालात और गंभीर हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मृतकों में चार पंजाब और दो खैबर पख्तूनख्वा के निवासी थे। रिपोर्टों के मुताबिक इन मजदूरों का कुछ दिन पहले अपहरण किया गया था। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है और मामले की जांच जारी है।

PoJK और बलूचिस्तान पर बनी हुई है नजर

PoJK और बलूचिस्तान में जारी विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा अभियान और हालिया हिंसक घटनाओं के कारण पूरे क्षेत्र पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है। एक ओर पाकिस्तान की सेना हालात सामान्य होने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन और सुरक्षा कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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