Rs500 SIP: ₹500 की SIP को छोटी रकम समझने की गलती न करें, इतने साल में बन सकता है लाखो का फंड

Rs500 SIP: ₹500 की मासिक SIP से ₹2 लाख का फंड कितने साल में तैयार हो सकता है? जानिए 12%, 15% और 18% अनुमानित रिटर्न के हिसाब से पूरा SIP कैलकुलेशन।

Rs500 SIP: आज के समय में निवेश शुरू करने की बात आती है तो कई लोगों को लगता है कि छोटी रकम लगाने से कोई खास फायदा नहीं होगा। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। अगर हर महीने सिर्फ ₹500 नियमित रूप से निवेश किया जाए और इसे लंबे समय तक जारी रखा जाए, तो कंपाउंडिंग की वजह से यह छोटी शुरुआत भी एक अच्छा फंड तैयार करने में मदद कर सकती है।

मान लीजिए किसी निवेशक का लक्ष्य सिर्फ ₹2 लाख का फंड तैयार करना है। ₹500 की मासिक SIP से यह लक्ष्य कितने समय में हासिल होगा, यह मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करेगा। अलग-अलग अनुमानित रिटर्न के आधार पर देखें तो इस लक्ष्य तक पहुंचने में करीब 10 से 13 साल का समय लग सकता है।

पहले समझिए ₹500 की SIP का पूरा गणित

अगर आप हर महीने ₹500 निवेश करते हैं तो एक साल में आपकी जेब से ₹6,000 जाएंगे। पांच साल में यह रकम बढ़कर ₹30,000 और दस साल में आपका कुल निवेश ₹60,000 हो जाएगा। इसके बाद कंपाउंडिंग और निवेश पर मिलने वाला रिटर्न फंड को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाता है।

यही वजह है कि SIP में सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि हर महीने कितनी रकम लगाई जा रही है। कितने साल तक निवेश जारी रखा जा रहा है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

12% सालाना रिटर्न मानें तो कब बनेंगे ₹2 लाख?

अब एक उदाहरण लेते हैं। अगर ₹500 की मासिक SIP पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मान लिया जाए, तो करीब 13 साल 5 महीने में ₹2 लाख के आसपास फंड तैयार होने का अनुमान है। इस अवधि में निवेशक की ओर से लगभग ₹80,500 जमा किए जाएंगे। बाकी रकम अनुमानित रिटर्न से जुड़ सकती है।

यानी लंबे समय तक छोटी रकम लगाने का फायदा यह है कि निवेश की अवधि बढ़ने के साथ रिटर्न को भी दोबारा निवेश होने का मौका मिलता है।

15% रिटर्न रहा तो लक्ष्य जल्दी पूरा होगा

अगर इसी ₹500 की SIP के लिए औसतन 15% सालाना रिटर्न मानें, तो ₹2 लाख का लक्ष्य करीब 12 साल में पूरा होने का अनुमान है। इस दौरान कुल निवेश लगभग ₹72,000 रहेगा और अनुमानित फंड करीब ₹2 लाख से थोड़ा अधिक हो सकता है।

लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि ज्यादा रिटर्न की उम्मीद का मतलब यह नहीं है कि निवेशक को हर साल उतना ही रिटर्न मिलेगा। म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन बाजार की चाल पर निर्भर करता है।

18% रिटर्न के हिसाब से सिर्फ 10 साल 10 महीने

अब अगर कैलकुलेशन में 18% सालाना रिटर्न मान लिया जाए, तो ₹500 की मासिक SIP से ₹2 लाख का लक्ष्य करीब 10 साल 10 महीने में हासिल होने का अनुमान निकलता है। इस अवधि में निवेशक करीब ₹65,000 अपनी तरफ से लगाएगा।

यह आंकड़ा देखने में आकर्षक लग सकता है, लेकिन 18% रिटर्न को पक्का या तय रिटर्न समझना सही नहीं होगा। बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण वास्तविक रिटर्न इससे काफी अलग हो सकता है।

₹500 से शुरुआत करके बाद में बढ़ा सकते हैं sip(Rs500 SIP)

अगर अभी आपकी आय कम है तो इसका मतलब यह नहीं कि आप निवेश शुरू ही न करें। ₹500 से शुरुआत करके बाद में आमदनी बढ़ने पर SIP की रकम बढ़ाई जा सकती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय बाद ₹500 को बढ़ाकर ₹1,000 या ₹2,000 प्रति महीने किया जा सकता है।

मासिक निवेश बढ़ने से स्वाभाविक रूप से लंबे समय में तैयार होने वाला कॉर्पस भी बड़ा हो सकता है। इसी रणनीति को कई निवेशक अपनी बढ़ती आय के साथ अपनाते हैं।

निवेश में जल्दी शुरुआत क्यों मायने रखती है?

SIP में सबसे महत्वपूर्ण चीज सिर्फ रकम नहीं बल्कि समय और नियमितता है। लंबे समय तक निवेश जारी रहने पर कंपाउंडिंग को काम करने के लिए ज्यादा समय मिलता है। इसलिए किसी व्यक्ति के लिए ₹500 से शुरुआत करना भी भविष्य के बड़े लक्ष्य की दिशा में पहला कदम हो सकता है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर SIP निवेश निश्चित रूप से मुनाफा देगा। निवेश का प्रदर्शन चुनी गई स्कीम और बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है।

मार्केट गिरने पर SIP बंद कर देनी चाहिए?

शेयर बाजार में गिरावट और तेजी दोनों आती रहती हैं। सिर्फ बाजार गिरने की वजह से घबराकर SIP बंद करने का फैसला लेने से पहले अपने निवेश के उद्देश्य और समय-सीमा को देखना चाहिए। अगर निवेश लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए है, तो बाजार के उतार-चढ़ाव को उसी नजरिए से समझना जरूरी है।

साथ ही, अचानक आर्थिक जरूरत आने पर निवेश को बीच में तोड़ने से बचने के लिए अलग से इमरजेंसी फंड रखना भी उपयोगी हो सकता है।

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