Train Seat Rules: ट्रेन में सीट बदलना पड़ सकता है भारी, रेलवे के नए नियम जान लें

Train Seat Rules: ट्रेन में सीट बदलने से पहले जान लें रेलवे के नियम। दूसरी रिजर्व सीट पर बैठने, टिकट ट्रांसफर और वेटिंग टिकट से जुड़ी जरूरी जानकारी यहां पढ़ें।

Train Seat Rules: हमारे देश में रोजाना बड़े पैमाने पर लोग ट्रेन से सफर करते हैं। ट्रेन से सफर करना जितना आरामदायक होता है उतना ही कम खर्चीला होता है यही वजह है कि लोग बड़े पैमाने पर अलग-अलग शहरों में ट्रेन से सफर करते हैं।

कई बार ऐसा होता है लोग बेवजह अपनी सीट छोड़ कर दूसरों के सीट पर बैठ जाते हैं ऐसे में अब आपकी परेशानियां बढ़ सकती है। रेलवे के द्वारा सेट को लेकर नया नियम बनाया गया है जिसका पालन आपको हर हाल में करना होगा। अगर आपने बेवजह किसी अन्य के सीट पर कब्जा किया तो आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। रेलवे के द्वारा सेट को लेकर कौन सा नया नियम बनाया गया है, देखें…

रेलवे की रिजर्वेशन व्यवस्था में हर यात्री को टिकट के आधार पर सीट या बर्थ आवंटित की जाती है। ऐसे में किसी दूसरी आरक्षित सीट पर बैठने से पहले संबंधित यात्री और जरूरत पड़ने पर TTE (Travelling Ticket Examiner) से बात करना बेहतर होता है।

अपनी सीट छोड़कर दूसरी बर्थ पर बैठने से पहले सावधान

अगर परिवार के सदस्यों या दोस्तों की सीटें अलग-अलग हैं, तो यात्री आपस में सहमति से कुछ समय के लिए सीट बदल सकते हैं। लेकिन किसी खाली दिखाई दे रही रिजर्व सीट को अपनी मर्जी से इस्तेमाल करना सही नहीं माना जाता। उस सीट पर बाद में उसका वास्तविक यात्री आ सकता है।

ऐसी स्थिति में विवाद होने पर यात्री को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए दूसरी सीट या बर्थ की जरूरत होने पर ट्रेन स्टाफ से संपर्क करना सबसे सुरक्षित तरीका है।

TTE कब कर सकता है सीट में बदलाव?

ट्रेन में किसी सीट या बर्थ के खाली रहने, यात्री की विशेष जरूरत या दूसरी परिचालन स्थिति में TTE उपलब्ध सीटों के आधार पर व्यवस्था कर सकता है। इसलिए अगर आपको अपनी निर्धारित सीट से दूसरी जगह जाना है, तो TTE को अपनी समस्या बताना बेहतर है।

इससे न सिर्फ दूसरे यात्री के साथ विवाद की संभावना कम होती है, बल्कि टिकट और रिजर्वेशन से जुड़ी परेशानी से भी बचा जा सकता है।

कन्फर्म टिकट किसी दूसरे व्यक्ति को देने से बचें

रेलवे टिकट किसी यात्री के नाम पर जारी होने के बाद उसे अपनी मर्जी से किसी दूसरे व्यक्ति को सौंप देना सामान्य तौर पर मान्य नहीं है। टिकट ट्रांसफर से जुड़े नियमों में कुछ विशेष परिस्थितियों में रेलवे द्वारा अनुमति का प्रावधान हो सकता है। इसलिए बिना नियम जाने टिकट किसी और को देने या बेचने से बचना चाहिए।

वेटिंग टिकट लेकर रिजर्व कोच में यात्रा करने पर क्या होगा?

चार्ट तैयार होने के बाद भी अगर टिकट कन्फर्म नहीं हुआ है, तो यात्री को यह देखना चाहिए कि उसका टिकट किस स्थिति में है और वह किस तरह की यात्रा के लिए मान्य है। रिजर्वेशन वाली ट्रेन में बिना वैध टिकट या उचित प्राधिकरण के यात्रा करने पर रेलवे के नियमों के तहत अतिरिक्त किराया और अन्य कार्रवाई हो सकती है।

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