Crude Oil Price: 100 डॉलर के करीब पहुंचा कच्चा तेल, क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? देखें ताजा अपडेट

Crude Oil Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के करीब पहुंच गया है। जानें कच्चे तेल की तेजी का भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है और आज के रेट क्या हैं।

Crude Oil Price: मिडिल ईस्ट युद्ध के वजह से एक बार फिर से क्रूड ऑयल के कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंच चुका है वहीं दूसरी तरफ जानकारो का कहना है कि आने वाले समय में पेट्रोल डीजल के रेट में भी उछाल देखने को मिल सकता है।

अगर मिडल ईस्ट युद्ध खत्म नहीं हुआ तो पेट्रोल डीजल के रेट में भयंकर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। क्रूड ऑयल के कीमतों में बढ़ोतरी होने का सीधा असर पेट्रोल डीजल पर देखने को मिलेगा।

100 डॉलर के करीब पहुंचा ब्रेंट क्रूड

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार के शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में एक डॉलर से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। इसके बाद इसकी कीमत करीब 99.49 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी बढ़कर लगभग 94.63 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त की शुरुआत से अब तक कच्चे तेल की कीमत में करीब 25 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। बाजार में जारी इस तेजी की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और तेल की सप्लाई को लेकर पैदा हुई चिंता मानी जा रही है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में ईरान की ओर से जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया गया है। इसके बाद दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

वहीं अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भी ईरान को कड़ी चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई है। ऐसे घटनाक्रमों के कारण निवेशकों की नजर अब तेल की सप्लाई और मिडिल ईस्ट से होने वाले निर्यात पर बनी हुई है।

क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल और डीजल?

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर हर बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर तुरंत नहीं पड़ता। घरेलू ईंधन के दाम तय करने में अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के अलावा कई दूसरे कारक भी भूमिका निभाते हैं।

अगर क्रूड ऑयल लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल या उससे ऊपर बना रहता है, तो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए आयात लागत बढ़ने का दबाव जरूर पैदा हो सकता है। ऐसी स्थिति में आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम में बदलाव नहीं

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल बदलाव नहीं किया गया है। यानी वाहन चालकों को अभी बढ़ी हुई क्रूड कीमतों का सीधा असर पेट्रोल पंप पर नहीं दिख रहा है।

बुधवार सुबह उपलब्ध रेट के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। आगे कीमतों में बदलाव होगा या नहीं, यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की चाल और घरेलू स्तर पर लिए जाने वाले फैसलों पर निर्भर करेगा।

आम लोगों पर पड़ सकता है महंगाई का असर (Crude Oil Price)

अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लंबे समय तक जारी रहती है, तो इसका असर सिर्फ पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने पर माल ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका असर रोजमर्रा की कई वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।

फिलहाल राहत की बात यह है कि क्रूड में तेजी के बावजूद घरेलू पेट्रोल-डीजल के रेट में तत्काल बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसलिए वाहन चालकों को फिलहाल कीमत बढ़ने की चिंता में जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर नजर जरूर बनी रहेगी।

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