Hema Malini : जिस हेमा मालिनी को फिल्म से कर दिया था बाहर, वही बनीं सुपरस्टार; धर्मेंद्र से शादी पर भी मचा था बवाल

Hema Malini : हेमा मालिनी को करियर की शुरुआत में महज चार दिन बाद फिल्म से बाहर कर दिया गया था। जानिए कैसे वह बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल बनीं और धर्मेंद्र से शादी के बाद क्यों चर्चा में रहीं।

Hema Malini : बॉलीवुड में कामयाबी हासिल करने वाले सितारों की जिंदगी बाहर से जितनी चमकदार दिखाई देती है, उसके पीछे संघर्ष की कहानियां भी छिपी होती हैं। हिंदी सिनेमा की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की जिंदगी भी कुछ ऐसी ही रही है। आज उन्हें एक सफल अभिनेत्री के तौर पर याद किया जाता है, लेकिन करियर की शुरुआत में उन्हें ऐसा झटका लगा था, जिसकी शायद उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। महज चार दिन की शूटिंग के बाद उन्हें एक फिल्म से बाहर कर दिया गया था।

एक तरफ शुरुआती दिनों में मिला रिजेक्शन था, तो दूसरी तरफ मां की उम्मीदें। बाद में हेमा मालिनी ने अपनी मेहनत से फिल्मी दुनिया में ऐसी पहचान बनाई कि उनका नाम हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हो गया। हालांकि, उनकी निजी जिंदगी भी लंबे समय तक सुर्खियों में रही। खासकर धर्मेंद्र के साथ उनके रिश्ते और शादी को लेकर खूब चर्चाएं हुईं। 16 अक्टूबर को उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं, उनके जीवन के उन अहम पड़ावों के बारे में, जिन्होंने उनकी कहानी को खास बनाया।

चार दिन काम करने के बाद ही फिल्म से कर दिया गया था बाहर

हेमा मालिनी के करियर की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने शुरुआती दिनों का जिक्र करते हुए बताया था कि तमिल फिल्म निर्देशक सीवी श्रीधर ने उन्हें अपनी फिल्म में काम करने का मौका दिया था। उस समय उनके नाम को लेकर भी बदलाव की बात हुई थी और उन्हें सुजाता नाम देने का प्रस्ताव सामने आया था।

हेमा उस समय फिल्मों में काम करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थीं। इसके बावजूद उन्होंने प्रस्ताव स्वीकार किया और शूटिंग शुरू हो गई। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन चार दिन बाद ही निर्देशक ने उन्हें फिल्म से हटाने का फैसला कर लिया।

यह घटना उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं थी। जिस काम की शुरुआत उन्होंने उम्मीद के साथ की थी, उसमें इतनी जल्दी अस्वीकृति मिलने से निराशा होना स्वाभाविक था। उस समय उनके पास न तो आज जैसी पहचान थी और न ही ऐसा कोई स्टारडम, जिसके सहारे वह आगे बढ़ सकती थीं।

हालांकि, इस अनुभव ने उनके भीतर एक अलग तरह की जिद पैदा कर दी। उन्होंने इसे अपनी मंजिल का अंत मानने के बजाय खुद को साबित करने की चुनौती के रूप में लिया। आगे चलकर यही सोच उनके करियर में अहम साबित हुई।

मां की निराशा देखकर अभिनेत्री बनने की ठान ली

हेमा मालिनी की जिंदगी में उनकी मां जया चक्रवर्ती का खास स्थान रहा। वह बेटी के भविष्य को लेकर गंभीर थीं और उसके करियर को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका थी।

शुरुआत में हेमा खुद फिल्मों में आने को लेकर बहुत उत्साहित नहीं थीं। ऐसे में जब पहली फिल्म उनके हाथ से निकल गई, तो उनके लिए इस क्षेत्र से दूर रहना भी एक विकल्प था। लेकिन मां के चेहरे पर निराशा देखकर उनकी सोच बदलने लगी।

हेमा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि मां की प्रतिक्रिया ने उन्हें प्रभावित किया। उन्हें एहसास हुआ कि फिल्म से बाहर किए जाने की घटना ने उनकी मां को भी दुख पहुंचाया था।

इसके बाद उन्होंने अभिनेत्री के तौर पर खुद को साबित करने का फैसला किया। अब फिल्मों में आगे बढ़ना केवल एक अवसर हासिल करने की बात नहीं रह गई थी, बल्कि वह अपने हुनर को साबित करना चाहती थीं।

किसी कलाकार के करियर में शुरुआती असफलता कभी-कभी आगे बढ़ने की प्रेरणा भी बन जाती है। हेमा मालिनी के मामले में भी इस अनुभव ने उन्हें अपने लक्ष्य की ओर गंभीरता से बढ़ने का हौसला दिया।

राज कपूर के साथ मिली हिंदी फिल्मों में एंट्री (Hema Malini)

शुरुआती मुश्किलों के बाद हेमा मालिनी को हिंदी फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ में काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1968 में रिलीज हुई इस फिल्म में वह दिग्गज अभिनेता राज कपूर के साथ नजर आई थीं।

यह फिल्म उनके हिंदी सिनेमा के सफर की महत्वपूर्ण शुरुआत बनी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और धीरे-धीरे दर्शकों के बीच अपनी जगह मजबूत करती गईं।

हेमा मालिनी की खासियत यह रही कि उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी अभिनय क्षमता दिखाई। ‘जॉनी मेरा नाम’, ‘सीता और गीता’, ‘शोले’, ‘ड्रीम गर्ल’ और ‘मीरा’ जैसी फिल्मों ने उनके करियर को नई ऊंचाइयां दीं।

‘शोले’ में बसंती का किरदार आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय है। वहीं, ‘सीता और गीता’ में उन्होंने अपने अभिनय का अलग अंदाज दिखाया। इन फिल्मों ने साबित किया कि उनकी पहचान सिर्फ खूबसूरती तक सीमित नहीं थी।

समय के साथ वह हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। पर्दे पर उनकी मौजूदगी और अलग-अलग भूमिकाओं ने उन्हें ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर कर दिया।

जब हेमा मालिनी और धर्मेंद्र के रिश्ते की होने लगी चर्चा

फिल्मी करियर के साथ हेमा मालिनी की निजी जिंदगी भी लोगों की दिलचस्पी का विषय रही। धर्मेंद्र के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री चर्चा में रही।

धीरे-धीरे दोनों के निजी रिश्ते को लेकर भी खबरें सामने आने लगीं। हालांकि, इस रिश्ते की परिस्थितियां आसान नहीं थीं, क्योंकि धर्मेंद्र पहले से शादीशुदा थे। उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर थीं और उनके बच्चे भी थे।

ऐसे में हेमा मालिनी और धर्मेंद्र के रिश्ते को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। दोनों ने वर्ष 1980 में शादी की। इसके बाद उनकी निजी जिंदगी पर सार्वजनिक चर्चा और बढ़ गई।

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