Avoid Flatterers: चमचागिरी करना क्या जायज है? आजकल ये देखा गया है कि तजुर्बा से ज्यादा चमचागिरी करने वालों को महत्व दिया जाता है, इससे वो दिन दूना रात चौगुना तरक्की करते हैं, पर मेहनत वाला इंसान ईमानदारीपूर्वक कठोर परिश्रम करने के बावजूद भी जोर नहीं पकड़ पाता। आजकल चमचागिरी कर लोग अपने नंबर बढ़ा लेते हैं, वहीं मेहनत करने वालों का कोई वर्चस्व नहीं रह जाता, आज हम आपको ईमानदारीपूर्वक मेहनत करने की टिप्स बताएंगे, कि किस तरह आप अपना ग्रेड चमचागिरी ना कर मेहनत कर बढ़ा सकते हैं…
चमचागिरी शब्द भले चुभने वाला हो, लेकिन है बड़े काम का। ज्यादा नहीं एक कप चाय पिला देना और हां में हां मिला देना भी अच्छी चमचागिरी कही जा सकती है। अफसर को भी चमचागिरी खूब पसंद है। किसी भी नेता के लिए चमचों की अहमियत को नकारा नहीं जा सकता। इसके पीछे सिर्फ फायदा उनको नहीं जो चमचागिरी करते है साथ ही चमचागिरी करवाने वाले भी खुश रहते हैं क्योंकि उनको एक मनोवैज्ञानिक सकारात्मक रिलैक्स मिलता रहता है और उनका मूड हमेशा तरोताजा रहता है। चमचागिरी आज ही नहीं राजा महाराजाओं के समय से चली आ रही है।
पर आज हम आपको ऐसे ही चमचागिरी करने वालो को कुछ सलाह देंगे कि वे इन रास्तों के अलावा भी अपना सफर तय कर कामयाब हो सकते हैं, चलिए जानते हैं…
1. अपनी काबलियत पर रखें विश्वास
कहीं ना कहीं ये देखा जाता है, कि जो लोग आत्म विश्वास में कमजोर होते हैं, उनको चमचागिरी की जरूरत ज्यादा पड़ती है, ऐसे लोगों को चाहिए कि अपना आत्मविश्वास बढ़ाएं और आगे बढ़ें।
2. अपने साथ दूसरो के हक का भी रखें ध्यान
इंसानियत बहुत बड़ी चीज है, कभी भी अपने फायदे के लिए दूसरों को हर्ट या किसी तरह का नुकसान ना पहुचाएं। हमेशा दूसरों के अहित से पहले भगवान को ध्यान में जरूर रखें।
3. सकारात्मक रखें विचार
अपने विचारों को सकारात्मक रखें। जियो और जीने दें की पॉलिसी को अपनाकर काम करें और दूसरों को भी उनका हक लेने दें।
4. देखें मोटिवेशन प्रोग्राम
लाइफ में सकारात्मक रुप से आगे बढ़ने के लिए आप मोटिवेशन कार्यकमों को देंखे, अच्छी शिक्षा लें और जिंदगी में उसे अपनाएं।
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