श्री राम जन्मभूमि (Shree Ram Janm Bhumi)
श्री राम जन्मभूमि अयोध्या के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में आता है। अयोध्या में रामकोट नामक पहाड़ी पर मौजूद यह स्थान हिंदुओं की आस्था का बहुत ही पवित्र स्थान है। यह स्थान अयोध्या रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित है।
मान्यता है कि प्रभु श्रीराम ने अयोध्या की रक्षा के लिए भगवान हनुमान जी को इस जगह पर विराजमान रहने की आज्ञा दी थी। यह मंदिर एक पहाड़ी की चोटी पर मौजूद है जहां से अयोध्या का बेहद आकर्षक नजारा देखा जा सकता है
हनुमान जी मंदिर (Bade Hanuman Ji Temple)
बड़े हनुमान जी का मंदिर अयोध्या का एक लोकप्रिय धार्मिक स्थल है, इसके प्रवेश द्वार पर भगवान हनुमान जी की विशाल प्रतिमा लगी हुई है, इसलिए इस मंदिर को बड़े हनुमान जी के मंदिर के नाम से जाना जाता है।
राम की पौड़ी अयोध्या में स्थित धार्मिक आस्था का प्रसिद्ध केंद्र है जो सरयू घाट के ऊपर स्थित है। कहा जाता है कि यहां पर स्नान करने से अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है।
यह स्थान अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमान गढ़ी मंदिर के नजदीक स्थित है। यहां विराजमान भगवान श्री राम और माता सीता की सोने के मुकुट वाली प्रतिमाएं बहुत आकर्षित करती है। इस भवन के एक हिस्से में गीत और संगीत का आयोजन होता है जो श्रद्धालुओ को भाव विभोर कर देता है।
वास्तव में यह एक मंदिर है जहां पर भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की प्रतिमाएं स्थापित है इसके अलावा इस मंदिर के एक कोने में रसोई का मॉडल बना हुआ है जिसको सीता जी की रसोई के नाम से जाना जाता है। यह स्थान अयोध्या के राजकोट के नजदीक स्थित है।
दशरथ महल हनुमान गढ़ी से कुछ दूरी पर स्थित है। राजा दशरथ भगवान श्री राम के पिताजी और अयोध्या के महाराजा थे। इस महल के अंदर भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की प्रतिमाएं स्थापित है।
सरयू नदी के तट पर स्थित इस घाट को बेहद पवित्र माना जाता है। गुप्तार घाट अयोध्या के सबसे प्रसिद्ध घाटों में से एक है, मान्यता है कि यह वो स्थान है जहां पर हिंदुओ के आराध्य भगवान श्री राम ब्रह्मलीन हुए थे।
रामकथा पार्क (Ram Katha Park, Ayodhya)
रामकथा पार्क अयोध्या के बड़े भू भाग में फैला हुआ है जो कई सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यक्रमों का हिस्सा है। यहां का रमणीक वातावरण पर्यटकों को रोमांच से भर देता है।
यह भी एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है मान्यता है कि मणी पर्वत हनुमान जी द्वारा ले जाए जा रहे पहाड़ का टुकड़ा माना जाता है। इसलिए यह पर्वत पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है।
तुलसी स्मारक भवन (Tulsi Smarak Bhawan)
संत गोस्वामी तुलसीदास जी की याद में निर्मित यह भवन एक विशाल पुस्तकालय और अयोध्या रिसर्च संस्थान हैं। इस भवन का निर्माण 1969 में किया गया। साहित्य में रुचि रखते हैं तो यहां जरूर जाना चाहिए।
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