
Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी 2026 का पर्व इस बार भी ज्ञान, संगीत और कला की देवी माता सरस्वती की आराधना के साथ पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाएगा। माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व भारतीय संस्कृति में शिक्षा और बौद्धिक चेतना का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन माता सरस्वती का प्राकट्य हुआ था और उन्होंने सृष्टि को वाणी, बुद्धि और ज्ञान प्रदान किया।
बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र धारण करने, पीले पुष्प अर्पित करने और सरस्वती वंदना करने का विशेष महत्व है। विद्यार्थी, शिक्षक, कलाकार और विद्वान इस दिन विशेष रूप से माता सरस्वती की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किए गए जप, तप और पूजन से स्मरण शक्ति तेज होती है, वाणी में मधुरता आती है और विद्या में सफलता प्राप्त होती है।
धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि माता सरस्वती के 108 नामों का जाप अत्यंत फलदायी होता है। 108 का अंक स्वयं में आध्यात्मिक महत्व रखता है और यह मन, शरीर और आत्मा के संतुलन का प्रतीक माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन इन 108 मंत्रों का जाप करने से नकारात्मकता दूर होती है और साधक को ज्ञान व विवेक का आशीर्वाद मिलता है।
माता सरस्वती के 108 मंत्र (Basant Panchami 2026)
ॐ सरस्वत्यै नमः।
ॐ महाभद्रायै नमः।
ॐ महामायायै नमः।
ॐ वरप्रदायै नमः।
ॐ श्रीप्रदायै नमः।
ॐ पद्मनिलयायै नमः।
ॐ पद्माक्ष्यै नमः।
ॐ पद्मवक्त्रकायै नमः।
ॐ शिवानुजायै नमः।
ॐ पुस्तकभृते नमः।
ॐ ज्ञानमुद्रायै नमः।
ॐ रमायै नमः।
ॐ परायै नमः।
ॐ कामरूपायै नमः।
ॐ महाविद्यायै नमः।
ॐ महापातकनाशिन्यै नमः।
ॐ महाश्रयायै नमः।
ॐ मालिन्यै नमः।
ॐ महाभोगायै नमः।
ॐ महाभुजायै नमः।
ॐ महाभागायै नमः।
ॐ महोत्साहायै नमः।
ॐ दिव्याङ्गायै नमः।
ॐ सुरवन्दितायै नमः।
ॐ महाकाल्यै नमः।
ॐ महापाशायै नमः।
ॐ महाकारायै नमः।
ॐ महाङ्कुशायै नमः।
ॐ पीतायै नमः।
ॐ विमलायै नमः।
ॐ विश्वायै नमः।
ॐ विद्युन्मालायै नमः।
ॐ वैष्णव्यै नमः।
ॐ चन्द्रिकायै नमः।
ॐ चन्द्रवदनायै नमः।
ॐ चन्द्रलेखाविभूषितायै नमः।
ॐ सावित्र्यै नमः।
ॐ सुरसायै नमः।
ॐ देव्यै नमः।
ॐ दिव्यालङ्कारभूषितायै नमः।
ॐ वाग्देव्यै नमः।
ॐ वसुधायै नमः।
ॐ तीव्रायै नमः।
ॐ महाभद्रायै नमः।
ॐ महाबलायै नमः।
ॐ भोगदायै नमः।
ॐ भारत्यै नमः।
ॐ भामायै नमः।
ॐ गोविन्दायै नमः।
ॐ गोमत्यै नमः।
ॐ शिवायै नमः।
ॐ जटिलायै नमः।
ॐ विन्ध्यवासायै नमः।
ॐ विन्ध्याचलविराजितायै नमः।
ॐ चण्डिकायै नमः।
ॐ वैष्णव्यै नमः।
ॐ ब्राह्म्यै नमः।
ॐ ब्रह्मज्ञानैकसाधनायै नमः।
ॐ सौदामिन्यै नमः।
ॐ सुधामूर्त्यै नमः।
ॐ सुभद्रायै नमः।
ॐ सुरपूजितायै नमः।
ॐ सुव।
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