Chaitra Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या हिंदू धर्म में एक बेहद महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। इस दिन पितरों का तर्पण करने के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा और मंत्र जाप करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
क्यों खास है चैत्र अमावस्या?
चैत्र मास की अमावस्या को नई शुरुआत और आत्मशुद्धि का दिन माना जाता है। इस दिन दान-पुण्य, स्नान और पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। खासकर भगवान विष्णु की उपासना करने से जीवन में स्थिरता और सफलता मिलती है।
करें इन शक्तिशाली विष्णु मंत्रों का जाप
चैत्र अमावस्या के दिन इन मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है—
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
यह मंत्र भगवान विष्णु का सबसे प्रभावशाली मंत्र माना जाता है, जो सभी कष्टों को दूर करता है।
ॐ विष्णवे नमः
इस मंत्र के जाप से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
यह स्तुति मन को स्थिर करती है और भय को दूर करती है।
पूजा की सही विधि
सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर में स्नान करें।
साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थान पर दीप जलाएं।
भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले फूल अर्पित करें।
उपरोक्त मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करें।
अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें।
क्या करें इस दिन?
जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें
पितरों के लिए तर्पण करें
व्रत रखकर भगवान का ध्यान करें
क्या न करें?
इस दिन क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहें
तामसिक भोजन (मांस, शराब आदि) का सेवन न करें
क्या मिलेगा लाभ?
धार्मिक मान्यता है कि चैत्र अमावस्या पर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं, पारिवारिक सुख बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।

