Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पर्व शुरू होते ही घर-घर में मां दुर्गा की पूजा और कलश स्थापना (घट स्थापना) की तैयारियां तेज हो जाती हैं। हिंदू धर्म में इसे बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है, लेकिन कई लोग अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिससे पूजा का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। अगर आप भी इस बार नवरात्रि का व्रत रख रहे हैं, तो इन जरूरी नियमों को जरूर जान लें।
कलश स्थापना का सही समय क्यों है जरूरी?
ज्योतिष के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में ही कलश स्थापना करनी चाहिए। गलत समय पर स्थापना करने से पूजा का प्रभाव कम हो सकता है। इसलिए सुबह का समय या अभिजीत मुहूर्त सबसे अच्छा माना जाता है।
गलत दिशा में न रखें कलश
कलश को हमेशा घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में ही स्थापित करें। इस दिशा को देवी-देवताओं का स्थान माना गया है। गलत दिशा में रखने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कलश स्थापना में इन चीजों की न करें अनदेखी
कलश में शुद्ध जल के साथ गंगाजल जरूर मिलाएं
आम के पत्ते और नारियल का इस्तेमाल अवश्य करें
कलश पर स्वास्तिक बनाना शुभ माना जाता है
लाल कपड़ा और मौली का प्रयोग करें
ये बड़ी गलतियां पड़ सकती हैं भारी
गंदे या अस्वच्छ स्थान पर कलश स्थापित करना
सूखे या खराब नारियल का इस्तेमाल
पूजा के दौरान नियमों की अनदेखी
जौ (जवारे) बोने के बाद उनकी देखभाल न करना
कलश स्थापना से क्या मिलता है लाभ?
धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान से की गई कलश स्थापना से घर में सुख-शांति, धन-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है। साथ ही मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
क्यों है ये खबर आपके लिए जरूरी?
अगर आप चाहते हैं कि इस नवरात्रि आपकी पूजा सफल हो और घर में खुशहाली आए, तो इन छोटे-छोटे नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ा लाभ दे सकती है।

