
Holi 2026: रंगों का पर्व होली खुशियों, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में इस त्योहार का विशेष धार्मिक महत्व है, वहीं वास्तु शास्त्र में भी होली के दिन किए जाने वाले दान-पुण्य और उपायों का अलग स्थान बताया गया है। मान्यता है कि सही वस्तुओं का दान सुख-समृद्धि, उन्नति और धन लाभ दिलाता है, लेकिन अनजाने में कुछ चीज़ों का दान अशुभ परिणाम भी दे सकता है।
साल 2026 में होली 3 मार्च को मनाई जाएगी, जबकि होलिका दहन 2 मार्च 2026 की रात को होगा। ऐसे में अगर आप भी होली पर दान-पुण्य की योजना बना रहे हैं तो वास्तु के कुछ नियम जान लेना बेहद जरूरी है, ताकि शुभ की जगह अशुभ परिणाम न मिलें।
होली के दिन ना करें इन चीजों का दान (Holi 2026)
- सोलह श्रृंगार की वस्तुएँ
वास्तु शास्त्र के अनुसार होली के दिन विवाहित महिलाओं को बिंदी, सिंदूर, चूड़ियाँ, आलता, बिछिया, कंघी या अन्य सोलह श्रृंगार से जुड़ी वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि यह वस्तुएँ सौभाग्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक होती हैं। होली के दिन इनका दान करने से वैवाहिक जीवन में तनाव या पति के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इस दिन श्रृंगार सामग्री देने से बचना ही बेहतर माना गया है। - कपड़ों का दान
सामान्य दिनों में कपड़ों का दान पुण्य कार्य माना जाता है, लेकिन होलिका दहन और रंग वाली होली के दिन कपड़े दान करना शुभ नहीं माना गया। वास्तु मान्यता के अनुसार इन दिनों वस्त्र दान करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा कम होती है और आर्थिक उन्नति में बाधा आ सकती है। यदि कपड़े दान करने हों तो होली के एक-दो दिन बाद करना अधिक लाभकारी बताया जाता है। - धन का दान
होलिका दहन की रात धन का दान करना भी वास्तु दृष्टि से ठीक नहीं माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन नकद राशि देने से घर की लक्ष्मी रूठ सकती हैं और आर्थिक अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। जरूरतमंदों की सहायता अवश्य करें, लेकिन धन दान की बजाय भोजन, फल या अनाज देना अधिक शुभ माना जाता है।
क्या करें ताकि मिले शुभ फल
होली के दिन गुड़, चना, अनाज, फल, मिठाई या पीले वस्त्रों का दान करना शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-शांति, धन वृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। साथ ही होलिका दहन की अग्नि में गेहूं की बालियाँ या नारियल अर्पित करना भी शुभ संकेत माना जाता है।