Maa Thawe Wali: नवरात्रि के पावन त्यौहार की शुरुआत हो चुकी है।भक्त उल्लास पूर्वक माता रानी की पूजा कर रहे हैं। पूरे देश में चैत्र नवरात्रि की धूम देखने को मिल रही है और मंदिरों में भी भक्तों की बड़ी भीड़ देखने को मिल रही है।हमारे देश भारत में माता रानी के एक से बढ़कर एक चमत्कारी मंदिर है।
आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे जहां भक्त की लाज बचाने के लिए माता रानी कामाख्या से चलकर आई थी और यहां एक घमंडी राजा का अहंकार तोड़ा था।इस मंदिर को बेहद चमत्कारी माना जाता है और यहां दर्शन करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।तो आईए जानते हैं इस मंदिर के बारे में विस्तार से….
चेरो वंश से जुडा हैं इस मंदिर का इतिहास (Maa Thawe Wali)
यह मंदिर बिहार में स्थित है और मंदिर की कहानी चेरो वंश के क्रूर राजा से जुड़ा हुआ है। कहां जाता है कि राजा के दबाव डालने पर भक्त माता को बुलाने के लिए विवश हो गया जिसके बाद माता कामाख्या से चलकर थावे पहुंची। माता के आने के साथ ही राजा मनन सिंह का महल खंडहर में बदल गया। माता ने भक्ति के मस्तक को फाड़ कर दर्शन दिया था। माता के भक्ति के मृत्यु के साथ ही राजा के वंश का विनाश हो गया था तब से यह शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है।
चारों तरफ से वन से घिरा हुआ है मंदिर
थावे का यह ऐतिहासिक मंदिर काफी प्राचीन है। इस मंदिर में दर्शन करने से भक्तों की सभी परेशानी दूर हो जाती है और माता भक्तों के ऊपर दया बरसाती है। देश विदेश से लोग इस मंदिर का दर्शन करने आते हैं और इस मंदिर की मान्यता काफी ज्यादा है।
इस मंदिर की महिमा भारत ही नहीं बल्कि पूरे देश में देखने को मिलती है। भारत के कई राज्यों से लोग इस चमत्कारी मंदिर में दर्शन करने आते हैं। यह मंदिर नेपाल तक फेमस है और नेपाल के लोग भी इस मंदिर में पूजा पाठ करने आते हैं। चैत्र नवरात्रि के समय इस मंदिर में एक बड़ा मेला लगता है।
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