
Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक अत्यंत पावन तिथि मानी जाती है। इस दिन मौन व्रत, स्नान-दान और पितरों के लिए किए गए उपाय विशेष फलदायी माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर श्रद्धा से किए गए कर्मों से पितृ दोष से राहत मिलती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व (Mauni Amavasya 2026)
मौनी अमावस्या आत्मशुद्धि और पूर्वजों के स्मरण का पर्व है। इस दिन मौन रहकर भगवान विष्णु और पितरों की पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
मौनी अमावस्या के दिन जरूर करें ये काम
1. पवित्र स्नान और दान
ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी में स्नान करना श्रेष्ठ माना जाता है। यदि यह संभव न हो तो स्नान जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें और अन्न, तिल, वस्त्र या कंबल का दान करें।
2. पितरों के लिए तर्पण
मौनी अमावस्या के दिन पितरों के नाम से जल, तिल और कुश अर्पित करें। मान्यता है कि इससे पितृ दोष के प्रभाव में कमी आती है।
3. मौन व्रत का पालन
इस दिन मौन रहना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। मौन व्रत से मन शांत होता है और आत्मिक शक्ति का विकास होता है।
4. दीपदान और पूजा
शाम के समय पीपल के वृक्ष या किसी पवित्र स्थान पर दीपक जलाएं और भगवान विष्णु या शिव का स्मरण करें।
पितृ दोष से कैसे मिलता है छुटकारा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब पितरों को समय पर तर्पण और श्रद्धा दी जाती है, तो वे प्रसन्न होकर अपने वंशजों को कष्टों से मुक्ति प्रदान करते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
पितरों का मिलेगा आशीर्वाद
माना जाता है कि मौनी अमावस्या पर किए गए पुण्य कर्मों से पितर स्वास्थ्य, धन, सुख और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
तमाम खबरों के लिए हमें Facebook पर लाइक करें Google News, Twitter और YouTube पर फॉलो करें।Vidhan News पर विस्तार से पढ़ें ताजा–तरीन खबर।