Rahu Ketu Transit 2026: राहु केतु परिवर्तन 2026 को लेकर ज्योतिष में खास चर्चा शुरू हो गई है।5 दिसंबर 2026 को छाया ग्रह राहु और केतु अपनी राशि बदलने जा रहे हैं।इस दिन राहु मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि केतु कर्क राशि में गोचर करेंगे।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु-केतु का गोचर जीवन में अचानक बदलाव लेकर आता है।
ज्योतिष में राहु-केतु का महत्व (Rahu Ketu Transit 2026)
राहु और केतु को छाया ग्रह कहा जाता है। ये भले ही आकाश में प्रत्यक्ष न दिखें,लेकिन इनके प्रभाव को जीवन में गहराई से महसूस किया जाता है।राहु महत्वाकांक्षा, तकनीक, राजनीति और छल का प्रतीक है,जबकि केतु वैराग्य, आध्यात्म और आत्मचिंतन से जुड़ा होता है।
मकर राशि में राहु का असर
मकर राशि कर्म, अनुशासन और जिम्मेदारी की प्रतीक मानी जाती है।राहु का यहां गोचर करियर, नौकरी और प्रशासनिक क्षेत्रों मेंअचानक अवसर और बड़े बदलाव ला सकता है।इस दौरान पदोन्नति की चाह बढ़ेगी, लेकिन गलत निर्णय से बचना जरूरी होगा।
कर्क राशि में केतु का प्रभाव
कर्क राशि भावनाओं, परिवार और घर से जुड़ी मानी जाती है।केतु का यहां गोचर व्यक्ति को भावनात्मक रूप से थोड़ा अलग-थलग कर सकता है।पारिवारिक मामलों में दूरी या मानसिक उलझन बढ़ सकती है,लेकिन यह समय आध्यात्मिक विकास के लिए भी अनुकूल माना जाता है।
काम, पैसा और रिश्तों पर असर
राहु-केतु के इस गोचर के दौरान करियर में अचानक बदलाव,नौकरी परिवर्तन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं।आर्थिक मामलों में अचानक लाभ या खर्च दोनों संभव हैं।रिश्तों में उतार-चढ़ाव रहेगा, इसलिए संवाद बनाए रखना जरूरी होगा।
क्या करें और क्या न करें
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस समय धैर्य और विवेक से काम लेना चाहिए।कोई भी बड़ा निर्णय जल्दबाज़ी में न लें।ध्यान, योग और दान-पुण्य करने से राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, 5 दिसंबर 2026 को होने वाला राहु-केतु का राशि परिवर्तन कई लोगों के जीवन में बड़ा मोड़ ला सकता है।यह समय कुछ के लिए नई ऊंचाइयों का रास्ता खोलेगा,तो कुछ के लिए आत्ममंथन और बदलाव का संकेत देगा।
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