Vijaya Ekadashi 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार विजया एकादशी का व्रत बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के मार्ग खुलते हैं। “विजया” शब्द का अर्थ ही है — विजय प्राप्त करना। इसलिए इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को हर कार्य में जीत, धन लाभ और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। साल 2026 में पड़ने वाली विजया एकादशी को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा जा रहा है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष सनातनी उपाय करने से लक्ष्मी-नारायण की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। जो लोग आर्थिक तंगी, करियर रुकावट या पारिवारिक कलह से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह दिन अत्यंत शुभ अवसर लेकर आता है। आइए जानते हैं विजया एकादशी पर किए जाने वाले 10 प्रभावशाली उपाय, जो जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
विजया एकादशी के 10 शुभ सनातनी उपाय (Vijaya Ekadashi 2026)
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें।
भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल और चंदन अर्पित करें।
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
घर के मंदिर में घी का दीपक जलाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को पीली वस्तुएं जैसे चना दाल, हल्दी या केला दान करें।
व्रत के दौरान सात्विक भोजन या फलाहार ही ग्रहण करें।
शाम के समय लक्ष्मी-नारायण की संयुक्त आरती अवश्य करें।
घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक या ओम का चिन्ह बनाएं।
तुलसी के पौधे में जल अर्पित कर दीपक जलाएं।
किसी भी प्रकार के झूठ, क्रोध और अपशब्द से दूर रहें।
धार्मिक मान्यता है कि इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश और समृद्धि का प्रवेश होता है। कई लोग इस दिन नया कार्य, निवेश या व्यापार की शुरुआत भी शुभ मानते हैं। खास बात यह है कि विजया एकादशी का व्रत केवल आध्यात्मिक ही नहीं बल्कि मानसिक शांति और आत्मबल भी प्रदान करता है।
जो श्रद्धालु पूरे दिन उपवास नहीं रख पाते, वे भी सच्चे मन से भगवान विष्णु का स्मरण कर सकते हैं।मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा ही सबसे बड़ा उपाय है। इस पावन दिन पर किए गए छोटे-छोटे धार्मिक कर्म भी बड़ा फल दे सकते हैं।

