
8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में राज्यसभा में सरकार की ओर से दिए गए जवाब ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। सरकार ने साफ कहा कि फिलहाल 8वें वेतन आयोग के गठन पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन वेतन और भत्तों से जुड़े मामलों की समय-समय पर समीक्षा की जाती रहती है। इस बयान के बाद कर्मचारियों के बीच उम्मीद और उत्सुकता दोनों बढ़ गई हैं।
कर्मचारियों की उम्मीदें क्यों बढ़ीं? (8th Pay Commission )
सरकार ने भले ही सीधी घोषणा नहीं की हो, लेकिन राज्यसभा में दिया गया जवाब यह जरूर दर्शाता है कि मामला सरकार के संज्ञान में है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि आने वाले समय में आर्थिक स्थिति और महंगाई को देखते हुए इस दिशा में कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है। सोशल मीडिया और कर्मचारी मंचों पर इस अपडेट की जोरदार चर्चा देखी जा रही है।
8वां वेतन आयोग कब तक आ सकता है?
अब तक की परंपरा देखें तो हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू होता रहा है। 7वां वेतन आयोग वर्ष 2016 में लागू हुआ था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि 2026 के आसपास 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई ठोस फैसला सामने आ सकता है। हालांकि सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक टाइमलाइन जारी नहीं की है, इसलिए सब कुछ संभावनाओं पर टिका हुआ है।
सैलरी और पेंशन पर क्या पड़ सकता है असर?
अगर 8वां वेतन आयोग लागू होता है तो बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्तों में बड़े बदलाव संभव हैं। पेंशनभोगियों को भी इससे राहत मिलने की उम्मीद है। बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए कर्मचारी संगठनों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है कि वेतन संरचना में सुधार किया जाए।
आगे क्या देखना होगा?
फिलहाल सरकार ने न तो स्पष्ट हरी झंडी दी है और न ही इनकार किया है। ऐसे में आने वाले बजट सत्र, आर्थिक नीतियों और सरकारी घोषणाओं पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह अपडेट भले ही अंतिम फैसला न हो, लेकिन उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए काफी है। आने वाले महीनों में कोई बड़ा ऐलान होता है या नहीं, यही सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।
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