Gas Cylinder Alternative: देश में बढ़ती गैस सिलेंडर की कीमतों और आपूर्ति से जुड़ी परेशानियों के बीच अब सरकार एक बड़े बदलाव की तैयारी में है। आम लोगों को राहत देने के लिए “प्लान-B” के तहत वैकल्पिक ईंधन और नई तकनीकों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में रसोई गैस सिलेंडर पर निर्भरता काफी कम हो सकती है।
सरकार का यह नया प्लान मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक कुकिंग और सोलर एनर्जी आधारित किचन सिस्टम को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसके तहत इंडक्शन चूल्हे, सोलर कुकर और बैटरी आधारित कुकिंग डिवाइस को सस्ता और सुलभ बनाने की योजना बनाई जा रही है। खास बात यह है कि ये विकल्प न सिर्फ पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर जेब पर भी हल्का असर डालते हैं।
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जहां गैस सिलेंडर की सप्लाई अक्सर बाधित रहती है, वहां यह योजना गेम चेंजर साबित हो सकती है। सरकार इन क्षेत्रों में सोलर कुकिंग यूनिट्स लगाने पर विशेष जोर दे रही है, जिससे बिना किसी ईंधन के भी खाना बनाया जा सके। अगर किसी कारणवश गैस की सप्लाई लंबे समय तक बंद हो जाए, तब भी लोगों को रसोई चलाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
इसके अलावा, सरकार बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने पर भी काम कर रही है, ताकि इलेक्ट्रिक कुकिंग को अपनाना आसान हो सके। कुछ राज्यों में इस दिशा में पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किए जा चुके हैं, जिनके शुरुआती परिणाम काफी सकारात्मक बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न सिर्फ घरेलू बजट को राहत देगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। गैस आयात पर निर्भरता कम होने से विदेशी मुद्रा की बचत होगी और पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी।

