
New Passport Rule: 15 फरवरी से पासपोर्ट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है, जिसका सीधा असर लाखों आवेदकों पर पड़ेगा। सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तेज बनाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था तैयार की है। इन बदलावों के बाद आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ जांच और पुलिस वेरिफिकेशन सिस्टम पहले से ज्यादा डिजिटल और सख्त हो जाएगा।
पासपोर्ट से जुड़े नियमों में होगा बदलाव (New Passport Rule)
सबसे बड़ा परिवर्तन ऑनलाइन पासपोर्ट आवेदन सिस्टम में देखने को मिलेगा। अब फॉर्म भरते समय दी गई हर जानकारी की ऑटोमैटिक जांच होगी। गलत या अधूरी जानकारी मिलने पर आवेदन तुरंत खारिज भी हो सकता है। पहले जहां छोटी गलतियों को सुधारने का मौका मिल जाता था, वहीं अब सिस्टम ज्यादा सख्त होगा। इसका फायदा यह होगा कि सही जानकारी देने वाले आवेदकों को पासपोर्ट जल्दी मिल सकेगा।
दूसरा अहम बदलाव दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया से जुड़ा है। आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज़ों की डिजिटल क्रॉस-चेकिंग की जाएगी। इससे फर्जी पहचान और गलत पते पर पासपोर्ट बनवाने वालों पर रोक लगेगी। वहीं जिनके कागज़ पूरे और सही होंगे, उनके लिए प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और समयबद्ध हो जाएगी।
पुलिस वेरिफिकेशन सिस्टम को भी अपग्रेड किया जा रहा है। कुछ मामलों में पोस्ट-वेरिफिकेशन की सुविधा दी जा सकती है, यानी पहले पासपोर्ट जारी होगा और बाद में सत्यापन किया जाएगा। इससे नौकरी, पढ़ाई या मेडिकल इमरजेंसी वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर अपॉइंटमेंट स्लॉट बढ़ाने की भी तैयारी है, जिससे लंबी वेटिंग लिस्ट कम हो सकती है। कुल मिलाकर 15 फरवरी के बाद पासपोर्ट बनवाना पहले से ज्यादा तेज, सुरक्षित और टेक्नोलॉजी आधारित होगा। हालांकि आवेदकों को फॉर्म भरते समय और दस्तावेज़ अपलोड करते वक्त विशेष सावधानी बरतनी होगी, तभी नए नियमों का पूरा लाभ मिल पाएगा।