Petrol Price : रूस से सस्ता तेल मिलना बंद हुआ तो क्या 120 रुपये के पार जाएगा पेट्रोल? समझें 100% अमेरिकी टैरिफ का असर

Petrol Price : अमेरिका ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान रखा गया है। भारत भी उन देशों में शामिल है, जो रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर रूस से मिलने वाला सस्ता तेल प्रभावित हुआ तो क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं?

Petrol Price : अमेरिका और रूस के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। अमेरिकी सीनेट ने रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़े एक अहम विधेयक को मंजूरी दी है। इसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान रखा गया है। भारत भी उन देशों में शामिल है, जो रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर रूस से मिलने वाला सस्ता तेल प्रभावित हुआ तो क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं?

सीनेट से पास हुआ रूस प्रतिबंध बिल

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सीनेट ने रूस से जुड़े प्रतिबंध वाले विधेयक को 86-11 के भारी बहुमत से पारित किया है। इस प्रस्ताव में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों से आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। विधेयक का नाम बदलकर ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ किया गया है।

भारत पर क्यों पड़ सकता है असर?

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है। रूस पिछले कुछ समय से भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल रहा है और वहां से भारत को कई बार रियायती कीमतों पर कच्चा तेल मिला है। अगर अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से इस व्यापार पर दबाव बढ़ता है, तो भारत के लिए सस्ते रूसी तेल की खरीद मुश्किल हो सकती है।

इसके अलावा अमेरिका में भारतीय सामान पर अतिरिक्त टैरिफ बढ़ने की स्थिति में भारत के निर्यात कारोबार पर भी असर पड़ सकता है। टेक्सटाइल, फार्मा और आईटी से जुड़े क्षेत्रों को इसका प्रभाव झेलना पड़ सकता है।

क्या भारत पर तुरंत 100% टैरिफ लगेगा?

फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद विधेयक को अमेरिकी संसद के निचले सदन से भी पारित होना होगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर ही यह कानून बन पाएगा। इसलिए अभी भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ तुरंत लागू नहीं हुआ है।

क्या पेट्रोल 120 रुपये लीटर के पार पहुंच जाएगा?

रूस से सस्ता कच्चा तेल मिलने में अगर बड़ी बाधा आती है तो भारत की तेल खरीद लागत पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सिर्फ इस एक वजह से पेट्रोल के 120 रुपये प्रति लीटर के पार जाने की बात पक्के तौर पर नहीं कही जा सकती। पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, रुपये की डॉलर के मुकाबले कीमत, टैक्स, रिफाइनिंग लागत और तेल कंपनियों की कीमत नीति जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।

भारत के सामने बढ़ सकती है कूटनीतिक चुनौती

भारत लंबे समय से अपने ऊर्जा हितों को प्राथमिकता देता रहा है। अगर अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त आर्थिक दबाव बनाया जाता है, तो भारत के सामने ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि आगे अमेरिकी प्रशासन भारत के खिलाफ किस स्तर के कदम उठाएगा।

अभी पेट्रोल की कीमतों पर क्या असर होगा?

फिलहाल 120 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल होने की संभावना को निश्चित खबर के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अमेरिकी बिल अभी कानून बनने की प्रक्रिया में है और उसके बाद भी भारत पर इसके वास्तविक प्रभाव कई परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे। इसलिए आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और भारत-अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत पर नजर रखना जरूरी होगा।

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