Railway Rules For Ticket Cancellation: टिकट कैंसिल किया, फिर भी कट गए पैसे! रेलवे के नए रिफंड रूल जानकर रह जाएंगे हैरान

Railway Rules For Ticket Cancellation: अगर आपने हाल ही में ट्रेन टिकट कैंसिल कराया है और उम्मीद से कम पैसा वापस मिला है, तो चौंकिए मत। भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड को लेकर टाइमिंग आधारित नियम तय किए हैं, जिनकी वजह से यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कब टिकट कैंसिल कराने पर कितना रिफंड मिलता है।

दरअसल, IRCTC और रेलवे के नियमों के अनुसार टिकट कैंसिलेशन का पूरा खेल “समय” पर निर्भर करता है। अगर आप समय रहते टिकट कैंसिल नहीं करते, तो रिफंड में भारी कटौती हो सकती है।

72 घंटे पहले कैंसिल करने पर
अगर आप ट्रेन के निर्धारित समय से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल कर देते हैं, तो आपको सबसे ज्यादा रिफंड मिलता है। इस स्थिति में केवल मामूली कैंसिलेशन चार्ज काटा जाता है, जो क्लास के अनुसार अलग-अलग होता है।

24 से 72 घंटे के बीच
अगर आप 24 से 72 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करते हैं, तो रिफंड थोड़ा कम हो जाता है। इस दौरान कैंसिलेशन चार्ज बढ़ जाता है और आपकी जेब पर थोड़ा ज्यादा असर पड़ता है।

8 से 24 घंटे के बीच
यह समय सबसे अहम माना जाता है। अगर टिकट 8 से 24 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है, तो आपको कुल किराए का लगभग 25% तक कट सकता है। यानी अब नुकसान साफ दिखने लगता है।

8 घंटे से कम समय बचा हो
अगर आपने 8 घंटे से कम समय पहले टिकट कैंसिल किया, तो रिफंड बहुत कम मिलता है या कई मामलों में बिल्कुल नहीं मिलता। खासकर कन्फर्म टिकट पर यह नियम ज्यादा सख्त है।

चार्ट बनने के बाद
ट्रेन का चार्ट बन जाने के बाद टिकट कैंसिल करने पर आमतौर पर कोई रिफंड नहीं मिलता। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करके दावा किया जा सकता है।

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