
Ration Card new rule: सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।इसी क्रम में विवाहित बेटियों को लेकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई है।अब शादी के बाद बेटियों का नाम राशन कार्ड से तुरंत कटवाना अनिवार्य नहीं होगा और उन्हें ससुराल में भी मुफ्त राशन का लाभ मिल सकेगा।
अब तक की व्यवस्था में जैसे ही बेटी की शादी होती थी, उसका नाम मायके के राशन कार्ड से हटा दिया जाता था।इसके बाद ससुराल के राशन कार्ड में नाम जोड़ने की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती थी।इस कारण कई महिलाओं को महीनों तक राशन का लाभ नहीं मिल पाता था।नई व्यवस्था इसी समस्या के समाधान के रूप में लाई गई है।
क्या है नई व्यवस्था? (Ration Card new rule)
नई नीति के तहत विवाहित बेटियां शादी के बाद भी खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित नहीं रहेंगी।उनका नाम तत्काल राशन कार्ड से हटाने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है।जब तक ससुराल के राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ जाता, तब तक मुफ्त राशन की सुविधा जारी रहेगी।
इससे “वन नेशन, वन राशन कार्ड” योजना को भी मजबूती मिलेगी।
महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को राहत मिलेगी।दस्तावेजों की कमी या तकनीकी कारणों से होने वाली देरी अब राशन पाने में बाधा नहीं बनेगी।नवविवाहित बेटियों को अब राशन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
खाद्य सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र नागरिक खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित न रहे।यह फैसला महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।शादी के कारण किसी महिला का राशन बंद न हो, यह सुनिश्चित किया गया है।
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
हालांकि ससुराल के राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए विवाह प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और निवास प्रमाण जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।लेकिन जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक राशन वितरण में कोई रुकावट नहीं आएगी।
विवाहित बेटियों को ससुराल में मुफ्त राशन देने की यह नई व्यवस्था सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।इससे न केवल महिलाओं को राहत मिलेगी, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली भी अधिक प्रभावी और मानवीय बनेगी।आने वाले समय में यह फैसला लाखों परिवारों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।