SBI New Policy : अगर आप बिना ज्यादा जोखिम के अपनी बचत पर तय रिटर्न चाहते हैं, तो बैंक की FD एक विकल्प हो सकती है। की Amrit Vrishti FD Scheme इसी तरह की स्पेशल टर्म डिपॉजिट योजना है। इसमें पैसा 444 दिनों के लिए जमा किया जाता है और ग्राहक की उम्र के हिसाब से ब्याज दर अलग होती है।
इस स्कीम में सामान्य ग्राहकों को 6.45% सालाना, वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% और 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले सुपर सीनियर नागरिकों को 7.05% सालाना ब्याज मिलता है।
444 दिन के लिए करना होगा निवेश
अमृत वृष्टि FD की अवधि 444 दिन यानी करीब 14 महीने 19 दिन है। रिटेल डिपॉजिट के तहत इसमें कम से कम ₹1,000 से शुरुआत की जा सकती है। हालांकि, इस योजना में जमा राशि ₹3 करोड़ से कम होनी चाहिए।
कौन लोग खोल सकते हैं FD?
इस स्कीम में पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले सामान्य भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा HUF और NRI ग्राहक भी लागू नियमों के तहत इसमें पैसा जमा कर सकते हैं।
ब्याज लेने के लिए कई विकल्प
इस FD में ब्याज लेने के लिए ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकता है। ब्याज का भुगतान मासिक, तिमाही, छमाही या मैच्योरिटी पर लिया जा सकता है।
कुछ परिस्थितियों में FD के बदले लोन या ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए बैंक की लागू शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
बीच में FD तोड़ी तो कितना नुकसान?
अगर किसी वजह से 444 दिन पूरे होने से पहले FD बंद करनी पड़े, तो बैंक के नियमों के अनुसार पेनल्टी लग सकती है।
₹5 लाख तक की जमा पर 0.50% की पेनल्टी और ₹5 लाख से ₹3 करोड़ से कम की जमा पर 1% की पेनल्टी लागू हो सकती है। वहीं, FD बुक कराने के 7 दिनों के भीतर उसे बंद करने पर ब्याज नहीं मिलता।
बैंक के कर्मचारियों और पेंशनर्स को समय से पहले FD बंद करने पर पेनल्टी से छूट दी गई है।
घर बैठे भी खोल सकते हैं FD (SBI New Policy)
इस योजना का लाभ लेने के लिए हर बार बैंक की शाखा जाने की जरूरत नहीं है। पात्र ग्राहक SBI YONO ऐप या SBI की इंटरनेट बैंकिंग सेवा के जरिए भी अमृत वृष्टि FD खोल सकते हैं।
₹5 लाख जमा करने पर कितना पैसा मिलेगा?
अगर कोई सामान्य ग्राहक इस योजना में ₹5 लाख 444 दिनों के लिए जमा करता है, तो 6.45% सालाना ब्याज दर के आधार पर उसे ब्याज मिलेगा। वास्तविक ब्याज और मैच्योरिटी राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्राहक ने कौन-सा ब्याज भुगतान विकल्प चुना है और बैंक की उस समय लागू गणना क्या है।
यानी FD खोलने से पहले सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला करने के बजाय मैच्योरिटी अमाउंट और भुगतान विकल्प भी जरूर देखना चाहिए।

