Zomato Vs Swiggy: जोमैटो या स्विगी – कौन सी कंपनी का शेयर बनाएगा निवेशकों को मालामाल?

Zomato Vs Swiggy: जोमैटो ने लिस्टिंग के 3.5 सालों में निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिए, अब स्विगी की बारी है अपनी परीक्षा देने की।

जोमैटो और स्विगी के शेयर: लिस्टिंग, रिटर्न और भविष्य की संभावनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण।
जोमैटो और स्विगी

Zomato Vs Swiggy Update: भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों जोमैटो और स्विगी का खूब चर्चा हो रही है। खासतौर पर स्विगी की 13 नवंबर 2024 को हुई लिस्टिंग के बाद यह मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। जोमैटो ने जुलाई 2021 में लिस्टिंग के बाद निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। अब सवाल है कि क्या स्विगी भी अपने शेयरधारकों को लाभ पहुंचा पाएगी?

जोमैटो की शानदार लिस्टिंग

स्विगी ने 390 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर 11,700 करोड़ रुपये जुटाए, जबकि जोमैटो ने 2021 में 76 रुपये के इश्यू प्राइस पर 9375 करोड़ रुपये जुटाए थे। स्विगी का आईपीओ केवल 3.59 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि जोमैटो का आईपीओ 38 गुना सब्सक्राइब हुआ था। स्विगी की लिस्टिंग 420 रुपये पर हुई और स्टॉक 489.40 रुपये तक पहुंचा, वहीं जोमैटो ने 116 रुपये पर लिस्टिंग के बाद 138 रुपये का उच्च स्तर छुआ था।

जोमैटो का मल्टीबैगर प्रदर्शन

जोमैटो के शेयर ने शुरुआत के बुरे दिनों के बाद जबरदस्त वापसी की। 2022 में यह 40 रुपये तक गिरा था, लेकिन ब्लिंकिट का अधिग्रहण और कंपनी का मुनाफे में आना गेमचेंजर साबित हुआ। 19 नवंबर 2024 को जोमैटो का शेयर 271.36 रुपये पर बंद हुआ, जिससे निवेशकों को 3.5 सालों में 257% का मल्टीबैगर रिटर्न मिला। ब्रोकरेज हाउस मॉर्गन स्टैनली के अनुसार, जोमैटो का शेयर अगले तीन सालों में 500 रुपये तक जा सकता है।

स्विगी के लिए चुनौतियां और संभावनाएं

स्विगी को वित्त वर्ष 2023-24 में 23.5 अरब रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, ब्रोकरेज हाउस का अनुमान है कि कंपनी 2026-27 तक मुनाफे में आ जाएगी। स्विगी इंस्टामार्ट क्विक कॉमर्स में अग्रणी थी, लेकिन ब्लिंकिट और जेप्टो ने इसे कड़ी टक्कर दी है। स्विगी की ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर बाजार में सकारात्मकता है, लेकिन मुनाफे के लिए इसे अभी लंबा सफर तय करना होगा

ब्रोकरेज हाउस का नजरिया

मोतीलाल ओसवाल ने स्विगी के शेयर का टारगेट 475 रुपये और मैक्वायरी ने 700 रुपये रखा है। ब्रोकरेज हाउसेज के अनुसार, फूड डिलिवरी मार्केट में दोनों कंपनियों के होने से ग्रोथ और मुनाफे की संभावनाएं बनी रहेंगी। हालांकि, कौन विजेता होगा यह कहना जल्दबाजी होगी।

निवेशकों के लिए अहम सवाल

जोमैटो और स्विगी के बीच मुकाबला जारी है। जोमैटो ने जहां अब तक मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, वहीं स्विगी की संभावनाएं अभी शुरुआती दौर में हैं। निवेशकों को समझदारी से अपनी रणनीति बनानी होगी।

ये भी पढ़ें-गोल्ड लोन पर अब हर महीने चुकानी पड़ सकती है ईएमआई,…

तमाम खबरों के लिए हमें Facebook पर लाइक करें TwitterKooapp और YouTube पर फॉलो करें। Vidhan News पर विस्तार से पढ़ें ताजा-तरीन खबर।