
CBSE Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए आंसर शीट भरने के नियमों में सख्ती बढ़ा दी है।बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अगर छात्र डिजिटल निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो सही उत्तर लिखने के बावजूद उन्हें शून्य अंक (Zero Marks) मिल सकते हैं। इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच हलचल तेज हो गई है।
CBSE के अनुसार, अब आंसर शीट की जांच पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के तहत की जा रही है। परीक्षार्थियों की कॉपियां स्कैन कर ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाता है। ऐसे में यदि छात्र निर्धारित स्थान के बाहर उत्तर लिखते हैं, गलत प्रश्न संख्या दर्ज करते हैं या बारकोड और रोल नंबर जैसी जरूरी जानकारियां सही तरीके से नहीं भरते हैं, तो सिस्टम उस उत्तर को पहचान नहीं पाएगा। परिणामस्वरूप, सही उत्तर होने के बावजूद अंक नहीं मिलेंगे।
क्या है नया डिजिटल रूल? (CBSE Exam 2026)
CBSE ने आंसर शीट भरने के लिए कुछ अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
ओएमआर शीट या मुख्य पेज पर रोल नंबर और अन्य विवरण नीले या काले पेन से साफ-साफ भरना अनिवार्य।उत्तर केवल निर्धारित बॉक्स या लाइन के अंदर ही लिखना होगा।
अतिरिक्त पन्नों को सही क्रम में लगाना और उस पर भी जरूरी विवरण भरना जरूरी।प्रश्न संख्या स्पष्ट और सही लिखनी होगी, अन्यथा डिजिटल सिस्टम उत्तर को गलत मान सकता है।
बोर्ड का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। डिजिटल स्कैनिंग से कॉपियों की जांच तेज और सटीक होती है, लेकिन इसमें मानवीय सुधार की गुंजाइश कम होती है।
छात्रों के लिए क्या सावधानियां जरूरी?
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को परीक्षा से पहले आंसर शीट भरने का अभ्यास करना चाहिए। कई बार घबराहट में छात्र प्रश्न संख्या गलत लिख देते हैं या उत्तर निर्धारित स्थान से बाहर लिख देते हैं, जिससे पूरा उत्तर सिस्टम में दर्ज नहीं हो पाता।
स्कूलों को भी निर्देश दिया गया है कि वे प्री-बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रों को डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के बारे में जागरूक करें। परीक्षा केंद्र पर निरीक्षक भी छात्रों को शुरुआत में जरूरी निर्देश देंगे।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
CBSE का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। डिजिटल मूल्यांकन से कॉपियों की जांच में लगने वाला समय कम होता है और मानवीय त्रुटियों की संभावना भी घटती है। हालांकि, इसके साथ छात्रों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
CBSE बोर्ड परीक्षा में सफलता केवल सही उत्तर लिखने से नहीं, बल्कि नियमों का सही पालन करने से भी तय होगी। एक छोटी सी चूक भी मेहनत पर पानी फेर सकती है। इसलिए परीक्षा में बैठने से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और आंसर शीट भरते समय पूरी सतर्कता बरतें।