Success Story: तमिलनाडु के एक छोटे से गांव की रहने वाली रोहिणी ने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता कदम चूमती ही है। साधारण आदिवासी परिवार से ताल्लुक रखने वाली रोहिणी के पास न महंगे कोचिंग सेंटर थे और न ही आधुनिक सुविधाएं, लेकिन उनके पास था तो सिर्फ एक सपना – इंजीनियर बनने का।
Success Story: रोहिणी का परिवार आर्थिक रूप से है बेहद कमजोर

रोहिणी का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। घर चलाने के लिए उन्हें दिन में खेतों में मजदूरी करनी पड़ती थी। धूप, मिट्टी और पसीने से भरे दिन के बाद भी वह थककर हार नहीं मानती थीं। रात होते ही वह अपनी किताबों के साथ बैठ जातीं और घंटों पढ़ाई करतीं। कई बार बिजली नहीं होने पर उन्होंने लालटेन और मोबाइल की रोशनी में भी पढ़ाई जारी रखी।

उनकी मेहनत और लगन का नतीजा तब सामने आया जब उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में JEE Main परीक्षा पास कर ली। यह सफलता सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण बन गई। गांव के लोग, जो कभी उन्हें खेतों में काम करते देखते थे, आज उनकी सफलता की मिसाल दे रहे हैं।
रोहिणी की कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी है जो संसाधनों की कमी को अपनी असफलता का कारण मानते हैं। उन्होंने दिखा दिया कि कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो।
आज रोहिणी का सपना एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लेकर देश के विकास में योगदान देने का है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सपने देखने का हक हर किसी को है, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से क्यों न हो।
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