
परिवार में नए मेहमान के आने की खुशी हर दंपत्ति के लिए खास होती है, लेकिन बेबी प्लानिंग के साथ आर्थिक तैयारी करना भी उतना ही जरूरी है। सही फाइनेंशियल प्लानिंग से बच्चे के जन्म के बाद आने वाले खर्चों को आसानी से संभाला जा सकता है और भविष्य भी सुरक्षित बनाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर समय रहते बजट तैयार कर लिया जाए तो माता-पिता को अचानक होने वाले खर्चों से परेशानी नहीं होती। आइए जानते हैं बेबी प्लानिंग के साथ बजट मैनेज करने के 4 जरूरी टिप्स।
1. पहले से बनाएं अलग बजट
बच्चे के जन्म के बाद मेडिकल खर्च, दवाइयां, कपड़े, टीकाकरण और अन्य जरूरतों पर नियमित खर्च बढ़ जाता है। इसलिए बेबी प्लानिंग शुरू करते समय ही मासिक आय के अनुसार अलग बजट तय कर लेना चाहिए। इससे खर्चों पर नियंत्रण बना रहता है और आर्थिक दबाव कम होता है।
2. मेडिकल और इंश्योरेंस पर दें ध्यान
गर्भावस्था और डिलीवरी से जुड़े खर्च काफी अधिक हो सकते हैं। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेना फायदेमंद रहता है। अच्छी मेडिकल कवरेज होने से अस्पताल के खर्च का बोझ काफी हद तक कम हो सकता है। इसके अलावा बच्चे के जन्म के बाद उसे भी इंश्योरेंस में शामिल कराना जरूरी होता है।
3. छोटी बचत से शुरू करें निवेश
बच्चे की पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों के लिए समय रहते निवेश शुरू करना बेहतर माना जाता है। हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करके लंबी अवधि में अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है। SIP, फिक्स्ड सेविंग या सुरक्षित योजनाओं में निवेश करके बच्चे का भविष्य मजबूत बनाया जा सकता है।
4. इमरजेंसी फंड जरूर रखें तैयार
बच्चे के आने के बाद अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड तैयार रखना जरूरी है। इससे किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेबी प्लानिंग सिर्फ भावनात्मक नहीं बल्कि आर्थिक निर्णय भी है। सही समय पर सही तैयारी करने से माता-पिता बच्चे के साथ नए जीवन की शुरुआत बिना किसी वित्तीय चिंता के कर सकते हैं।