Health Alert: थाली में धीमा ज़हर! इस मछली को खाने से बढ़ रहा है कैंसर का खतरा, डॉक्टरो ने जारी किया अलर्ट

Health Alert: प्रदूषित पानी में पाई जाने वाली मछलियों के शरीर में मरकरी (पारा), पॉलीक्लोरीनेटेड बाइफिनाइल्स (PCBs) और अन्य जहरीले रसायन जमा हो जाते हैं।जब इंसान ऐसी मछली का नियमित सेवन करता है, तो ये विषैले तत्व धीरे-धीरे शरीर में इकट्ठा होने लगते हैं।

Health Alert: मछली को हमेशा से सेहत का खजाना माना जाता रहा है। डॉक्टर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स इसे दिल, दिमाग और आंखों के लिए फायदेमंद बताते हैं।लेकिन हालिया रिसर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स की चेतावनियां यह संकेत दे रही हैं कि हर मछली सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होती।बल्कि कुछ खास तरह की मछलियां अगर लंबे समय तक खाई जाएं, तो यह शरीर के लिए ज़हर की तरह काम कर सकती हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ा सकती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, समुद्र और नदियों में बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर मछलियों पर पड़ रहा है।प्रदूषित पानी में पाई जाने वाली मछलियों के शरीर में मरकरी (पारा),
पॉलीक्लोरीनेटेड बाइफिनाइल्स (PCBs) और अन्य जहरीले रसायन जमा हो जाते हैं।जब इंसान ऐसी मछली का नियमित सेवन करता है, तो ये विषैले तत्व धीरे-धीरे शरीर में इकट्ठा होने लगते हैं।

Health Alert: इस मछली को खाने से होता है कैंसर

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यही जहरीले तत्व डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं,जिससे कोशिकाओं में असामान्य बदलाव होने लगते हैं और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।खासतौर पर ट्यूना, शार्क, स्वॉर्डफिश और किंग मैकेरल जैसी बड़ी मछलियों में यह जोखिम ज्यादा पाया गया है।ये मछलियां फूड चेन में सबसे ऊपर होती हैं, इसलिए इनमें जहरीले तत्वों की मात्रा अधिक होती है।

सिर्फ कैंसर ही नहीं, बल्कि इन मछलियों का अधिक सेवन गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए भी खतरनाक माना जाता है।मरकरी भ्रूण के दिमागी विकास को प्रभावित कर सकता है।वहीं बच्चों में यह याददाश्त कमजोर होने, ध्यान की कमी और सीखने की क्षमता पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि हर मछली नुकसानदायक नहीं होती।सैल्मन, सार्डिन, रोहू, कतला और हिल्सा जैसी मछलियां अगर साफ और सुरक्षित स्रोत से आती हैं,तो सीमित मात्रा में इनका सेवन फायदेमंद हो सकता है।समस्या तब होती है जब लोग बिना जानकारी के रोज़ाना या जरूरत से ज्यादा हाई-रिस्क मछलियां खाने लगते हैं।

डॉक्टरों की सलाह है कि हफ्ते में 1 से 2 बार ही मछली खाएं और उसकी किस्म पर जरूर ध्यान दें।इसके अलावा, मछली को तलने की बजाय उबालकर या ग्रिल करके खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।इससे कुछ हद तक जहरीले तत्वों का असर कम हो सकता है।

लेकिन सही जानकारी और संतुलन के बिना इसका सेवन गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकता है।इसलिए जागरूक रहें, सही मछली चुनें और अपनी सेहत के साथ कोई समझौता न करें।

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