Health Alert: देश में तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या अब केवल शारीरिक बीमारी तक सीमित नहीं रही।एम्स (AIIMS) की हालिया रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बढ़ता वजन युवाओं के दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रहा है। विशेषज्ञों ने इसे आने वाले समय की एक खामोश लेकिन खतरनाक बीमारी बताया है।
Health Alert: वजन बढ़ा तो दिमाग पर भी पड़ा असर
एम्स के डॉक्टरों के अनुसार, शरीर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने से ब्रेन फंक्शन प्रभावित होता है। मोटापा दिमाग तक जाने वाले ब्लड फ्लो को कम करता है,जिससे याददाश्त कमजोर होना, फोकस में कमी और निर्णय लेने की क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ता है।रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि मोटे युवाओं में डिप्रेशन, एंग्जायटी और स्ट्रेस की समस्या सामान्य युवाओं की तुलना में अधिक पाई गई है।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा है मोटापा?
विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती लाइफस्टाइल इसकी सबसे बड़ी वजह है।
- लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल
- जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन
- शारीरिक गतिविधियों की कमी
- नींद की अनियमित आदतें
ये सभी कारण मिलकर युवाओं को मोटापे की ओर धकेल रहे हैं, जिसका असर अब मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है।
ब्रेन डिजीज का बढ़ता खतरा
एम्स की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि लंबे समय तक मोटापा बने रहने से अल्जाइमर, डिमेंशिया और अन्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।मोटापा शरीर में सूजन को बढ़ाता है, जो दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय रहते वजन पर नियंत्रण नहीं किया गया,तो आने वाले वर्षों में युवाओं में मानसिक बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं।उन्होंने युवाओं को “फिट बॉडी, फिट माइंड” अपनाने की सलाह दी है।
कैसे रखें वजन और दिमाग दोनों स्वस्थ?
- रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या वॉक
- संतुलित और पौष्टिक आहार
- जंक फूड से दूरी
- पूरी नींद लेना
- योग और मेडिटेशन
एम्स की यह रिपोर्ट युवाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है। बढ़ता वजन सिर्फ शरीर को ही नहीं,बल्कि दिमागी सेहत को भी धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है।समय रहते सतर्क होना ही स्वस्थ भविष्य की कुंजी है।
तमाम खबरों के लिए हमें Facebook पर लाइक करें Google News, Twitter और YouTube पर फॉलो करें।Vidhan News पर विस्तार से पढ़ें ताजा–तरीन खबर।

