
IND vs PAK: सुपर-8 से पहले फिर गरमाया माहौल, पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी का ‘भारत को हराना आसान’ बयान बना चर्चा का विषय
आईसीसी टूर्नामेंट के सुपर-8 मुकाबलों से पहले एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है। क्रिकेट मैदान से पहले जुबानी जंग शुरू हो चुकी है। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने भारत को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
क्या कहा अफरीदी ने?
एक टीवी इंटरव्यू के दौरान शाहिद अफरीदी ने कहा कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए पाकिस्तान की टीम भारत को सुपर-8 में आसानी से हरा सकती है। उनका दावा था कि भारतीय टीम दबाव वाले मैचों में मानसिक रूप से कमजोर पड़ जाती है, जबकि पाकिस्तान की टीम बड़े मैचों में ज्यादा आक्रामक और निडर होकर खेलती है।
अफरीदी ने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान की गेंदबाज़ी यूनिट अपनी लय में रही तो भारत के बल्लेबाज़ ज्यादा देर टिक नहीं पाएंगे। उनका यह बयान आते ही क्रिकेट फैंस के बीच बहस छिड़ गई।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
अफरीदी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय प्रशंसकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने पिछले बड़े टूर्नामेंट्स में भारत की जीत का हवाला देते हुए इस बयान को ‘बेतुका’ बताया। वहीं कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान मैच से पहले मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकते हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भावनाओं और प्रतिष्ठा से जुड़ा होता है। ऐसे में खिलाड़ियों और पूर्व खिलाड़ियों के बयान माहौल को और गर्म कर देते हैं।
आंकड़े क्या कहते हैं?
आईसीसी टूर्नामेंट्स में दोनों टीमों के बीच अब तक हुए मुकाबलों में भारत का पलड़ा अक्सर भारी रहा है। खासकर विश्व कप जैसे बड़े मंच पर भारत का रिकॉर्ड मजबूत माना जाता है। हालांकि टी20 प्रारूप में पाकिस्तान ने भी कई बार कड़ा मुकाबला दिया है और कुछ अहम जीत दर्ज की हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता। एक-दो ओवर का खेल मैच का रुख बदल सकता है।
सुपर-8 में क्या होगा मुकाबला?
सुपर-8 चरण में पहुंचने के बाद दोनों टीमें अपने सर्वश्रेष्ठ संयोजन के साथ उतरेंगी। भारत की बल्लेबाज़ी लाइनअप मजबूत मानी जा रही है, जबकि पाकिस्तान की ताकत उसकी तेज गेंदबाज़ी है। पिच और मौसम की परिस्थितियां भी अहम भूमिका निभाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-पाक मुकाबला हमेशा अप्रत्याशित होता है। चाहे फॉर्म कुछ भी हो, मैदान पर वही टीम जीतती है जो दबाव को बेहतर तरीके से संभालती है।