WPL 2026: महिला प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मुकाबला सिर्फ एक ट्रॉफी की लड़ाई नहीं था, बल्कि यह मानसिक मजबूती, नेतृत्व और आत्मविश्वास की भी परीक्षा थी। इस परीक्षा में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तान स्मृति मंधाना पूरी तरह खरी उतरीं और अपनी टीम को पहली बार WPL चैंपियन बना दिया।
फाइनल के मंच पर मंधाना का आत्मविश्वास देखते ही बनता था। बड़े मुकाबले का दबाव, स्टेडियम में शोर और सामने मजबूत विपक्ष—इन सबके बावजूद उनकी बल्लेबाज़ी में ठहराव और आक्रामकता का अनोखा मेल दिखा। उन्होंने शुरुआत से ही यह संकेत दे दिया था कि यह दिन RCB का है।
कठिन दौर में भी नहीं टूटा फोकस (WPL 2026)
हाल के महीनों में स्मृति मंधाना को लेकर उनकी निजी ज़िंदगी से जुड़ी कई चर्चाएं सामने आई थीं। हालांकि, मंधाना ने कभी भी इन बातों को अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया। मैदान पर उनका प्रदर्शन इस बात का सबसे बड़ा सबूत रहा कि वह मुश्किल हालात में भी खुद को संभालना जानती हैं।
कप्तान के रूप में उन्होंने न सिर्फ रन बनाए, बल्कि हर खिलाड़ी को भरोसा दिया। गेंदबाज़ी में बदलाव हों या फील्डिंग सेट करना—मंधाना के फैसले मैच की दिशा तय करते नज़र आए।
फाइनल में कप्तानी पारी
फाइनल मुकाबले में जब RCB को एक ठोस शुरुआत की जरूरत थी, तब स्मृति मंधाना ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। उन्होंने जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए गैप्स में रन निकाले और सही समय पर बड़े शॉट्स लगाए। उनकी पारी ने विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया, जिससे मैच RCB के पक्ष में झुकता चला गया।
यह पारी सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं थी, बल्कि मानसिक मजबूती और मैच सिचुएशन को समझने की मिसाल थी।
RCB की ऐतिहासिक जीत
RCB के लिए यह खिताब ऐतिहासिक रहा। कई सीज़न की नाकामियों के बाद आखिरकार टीम ने ट्रॉफी उठाई और इसके पीछे सबसे बड़ा योगदान उनकी कप्तान का रहा। स्मृति मंधाना की अगुवाई में टीम एकजुट दिखी और हर खिलाड़ी ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई।
मैच के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने भी मंधाना की जमकर तारीफ की। कई दिग्गजों का मानना है कि उन्होंने WPL को नई ऊंचाई दी है और युवा खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत उदाहरण पेश किया है।
प्रदर्शन ही सबसे बड़ा जवाब
स्मृति मंधाना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि खिलाड़ी का असली जवाब मैदान पर दिया जाता है, शब्दों में नहीं। निजी चर्चाओं से ऊपर उठकर उन्होंने अपने खेल से इतिहास रच दिया।
WPL 2026 का यह फाइनल और उसमें स्मृति मंधाना की कप्तानी पारी भारतीय महिला क्रिकेट के यादगार पलों में हमेशा शामिल रहेगी।

