Mobile Data Tax Update: देश में मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के बीच इन दिनों एक खबर तेजी से चर्चा में है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सरकार मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर नया टैक्स लगाने की योजना बना रही है। कुछ पोस्ट्स में तो यह भी कहा जा रहा है कि भविष्य में हर GB डेटा के इस्तेमाल पर यूजर्स को अतिरिक्त पैसा देना पड़ सकता है। इस खबर के वायरल होते ही लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं कि क्या सच में इंटरनेट चलाना महंगा होने वाला है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से फेसबुक, एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डेटा टैक्स से जुड़ी खबरें तेजी से शेयर की जा रही हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सरकार डिजिटल सेवाओं से होने वाली कमाई को देखते हुए डेटा उपयोग पर अतिरिक्त टैक्स लगाने पर विचार कर सकती है। हालांकि इन दावों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मोबाइल डेटा पर अलग से प्रति GB टैक्स लगाने का कोई आधिकारिक प्रस्ताव सार्वजनिक नहीं किया गया है। भारत में इंटरनेट सेवाएं पहले से ही टैक्स के दायरे में आती हैं। जब भी कोई यूजर मोबाइल रिचार्ज करवाता है, उस प्लान में GST पहले से शामिल रहता है।
यानी मौजूदा समय में डेटा सेवाओं पर टैक्स सीधे रिचार्ज कीमत में जुड़ा होता है और यूजर्स को अलग से कोई भुगतान नहीं करना पड़ता। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि देश में डिजिटल सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में सरकार समय-समय पर टेलीकॉम और इंटरनेट से जुड़े नियमों की समीक्षा करती रहती है। भविष्य में नई नीतियां या नियम सामने आ सकते हैं, लेकिन अभी तक हर GB डेटा पर अलग से टैक्स लगाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
फिलहाल यूजर्स को सलाह दी जा रही है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा करने से पहले सरकारी घोषणाओं और विश्वसनीय स्रोतों की जानकारी जरूर जांच लें। अभी के लिए मोबाइल डेटा पर नए टैक्स की खबरें केवल चर्चा का विषय हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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