News G-20

जी20 शिखर सम्‍मेलन के चलते देश की राजधानी दिल्‍ली को दुल्‍हन की तरह सजाया जा रहा है।

                   जी-20 समिट

दिल्ली के प्रगति मैदान में 9 और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। 

                      नटराज

G-20 में इस बार भगवान शिव के नटराज रूप के दर्शन होंगे। इस प्रतिमा से चोल वंश के इतिहास की छटा दिखेगी।

               कई देशों के चीफ

इस समिट में अमेरिका, कनाडा और सऊदी अरब, चीन समेत कई देशों के शीर्ष नेता हिस्सा ले रहे हैं।

                      प्रतिमा

प्रगति मैदान के भारत मंडपम् परिसर में लॉस्ट वैक्स तकनीक द्वारा अष्टधातु से बनी दुनिया की सबसे ऊंची नटराज प्रतिमा स्थापित की गई है। 

                  27 फीट ऊंची

यह वही स्थान है, जहां जी-20 समिट होना है। इसकी ऊंचाई 27 फीट, चौड़ाई 21 फीट और वजन लगभग 18-20 टन है। 

              पारंपरिक विधान

इस मूर्ति का निर्माण तमिलनाडु के स्वामीमलाई के पारम्परिक स्थापतियों द्वारा पारंपरिक मधुच्छिष्ट विधान से किया गया है। 

                     9वीं शताब्दी

इस विधान से 9वीं शताब्दी में चोल वंश के दौरान भी नटराज की प्रतिमा तैयार की जाती थी।

                   चोल वंश

इसके शिल्पकार राधाकृष्णण हैं, जिनका परिवार चोल काल से यह शिल्प कार्य करता रहा है। वह 34वीं पीढ़ी के सदस्य हैं।

       सबसे ऊंचे 'नटराज'                   

जी20 समिट के दौरान भारत मंडपम् के सामने स्थापित नटराज की यह प्रतिमा दुनिया में अष्टधातु से बनी सबसे बड़ी नटराज प्रतिमा है। 

विधान हिंदी समाचार

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