!Iran New Leader:मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei को लेकर आई खबरों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की ओर से खामेनेई के मारे जाने का दावा किए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन होता है तो देश की कमान किसके हाथों में जाएगी।
खामेनेई पिछले तीन दशक से अधिक समय से ईरान के सबसे ताकतवर नेता रहे हैं। देश की सेना, परमाणु कार्यक्रम, विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों पर अंतिम मुहर उन्हीं की होती थी। ऐसे में उनके बाद नेतृत्व परिवर्तन केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरे मध्य-पूर्व की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
कैसे तय होता है ईरान का सर्वोच्च नेता
ईरान की राजनीतिक व्यवस्था के तहत सर्वोच्च नेता का चयन धार्मिक विद्वानों की एक परिषद करती है, जिसे “असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स” कहा जाता है। यह परिषद किसी ऐसे धर्मगुरु को चुनती है जिसे धार्मिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में मजबूत माना जाता हो।
जब तक नया सर्वोच्च नेता नहीं चुना जाता, तब तक अंतरिम व्यवस्था लागू की जा सकती है ताकि शासन और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
उत्तराधिकारी की दौड़ में ये नाम चर्चा में
1. मोजतबा खामेनेई
खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है। माना जाता है कि उनका सुरक्षा संस्थाओं और धार्मिक नेताओं के बीच अच्छा प्रभाव है। इसी वजह से उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
2. वरिष्ठ धर्मगुरु और राजनीतिक चेहरे
ईरान के कई वरिष्ठ धार्मिक नेताओं और राजनीतिक हस्तियों के नाम भी चर्चा में हैं। ऐसे नेताओं को अनुभव और धार्मिक मान्यता के कारण सुरक्षित विकल्प माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिषद स्थिरता बनाए रखने के लिए किसी अनुभवी चेहरे को प्राथमिकता दे सकती है।
3. अंतरिम नेतृत्व की संभावना
मौजूदा युद्ध जैसे हालात को देखते हुए कुछ विश्लेषक यह भी मानते हैं कि ईरान अस्थायी रूप से सामूहिक नेतृत्व की व्यवस्था अपना सकता है। इसमें धार्मिक नेताओं और सुरक्षा संस्थाओं की संयुक्त भूमिका हो सकती है।
दुनिया की नजर ईरान पर
ईरान के नए सर्वोच्च नेता का चयन केवल एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं होगा, बल्कि इसका असर वैश्विक राजनीति पर भी पड़ सकता है। खासकर इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच नया नेतृत्व यह तय करेगा कि क्षेत्र में टकराव बढ़ेगा या कूटनीति का रास्ता खुलेगा।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता कौन होगा। आने वाले दिनों में लिया गया फैसला मध्य-पूर्व की दिशा बदल सकता है।

