Success Story: 19 बार मिली नाकामी, लोगों ने कहा ठेला लगा लो… लेकिन विवेक यादव ने बनकर दिखाया अफसर

Success Story: आपने बड़े बुजुर्गों को कहते हुए सुना होगा कि जो मेहनत करते हैं उन्हें हर हाल में सफलता मिलती है। मध्य प्रदेश के रहने वाले विवेक यादव ने इस बात को सच कर दिखाया है।

Success Story: आपने बड़े बुजुर्गों को कहते हुए सुना होगा कि जो मेहनत करते हैं उन्हें हर हाल में सफलता मिलती है। मध्य प्रदेश के रहने वाले विवेक यादव ने इस बात को सच कर दिखाया है। कई बार नाकामी मिलने के बाद भी विवेक ने हार नहीं मानी वह लगातार कोशिश करते रहे और अंत में यूपीएससी जैसे कठिन परीक्षा को पास कर कमिश्नर का रैंक हासिल कर लिए।

इस आर्टिकल में आज हम आपको विवेक यादव की कहानी बताएंगे जो आपकी रग रग में जोश भर देगा। तो आईए जानते हैं कैसे साधारण परिवार से निकलकर विवेक यादव ने एक असाधारण कहानी लिख दी।

साधारण परिवार से निकलकर बनाया बड़ा मुकाम

मध्य प्रदेश के चंदेरी कस्बे के रहने वाले विवेक यादव का परिवार आर्थिक रूप से बेहद साधारण था। उनके पिता वाहन चालक के रूप में काम करते हैं, जबकि मां सिलाई कर परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने बेटे की पढ़ाई और सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया।

बचपन के संघर्ष ने दिया अफसर बनने का सपना

विवेक ने बचपन से ही परिवार की कठिन परिस्थितियों को करीब से देखा था। उन्होंने अपनी मां को मेहनत करते हुए देखा और तभी तय कर लिया कि उन्हें कुछ बड़ा हासिल करना है। शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली पहुंचे और इतिहास विषय में स्नातक तथा परास्नातक की पढ़ाई पूरी की।

7 साल की तैयारी और 19 असफलताएं

सरकारी अधिकारी बनने का सपना पूरा करने के लिए विवेक ने करीब सात वर्षों तक लगातार मेहनत की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लिया, लेकिन एक-दो नहीं बल्कि 19 बार असफलता का सामना करना पड़ा। कई बार सफलता बेहद करीब आकर भी हाथ से निकल गई, लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।

तानों को बनाया ताकत

लगातार असफलताओं के कारण विवेक को समाज और रिश्तेदारों की आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने उन्हें पढ़ाई छोड़ने की सलाह दी तो कुछ ने यहां तक कह दिया कि अब नौकरी की उम्मीद छोड़कर कोई छोटा-मोटा काम शुरू कर लो। लेकिन उन्होंने इन बातों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और इन्हें ही आगे बढ़ने की प्रेरणा बना लिया।

हिंदी माध्यम से की तैयारी, UPSC में हासिल की सफलता

विवेक यादव ने हिंदी माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। वर्षों की मेहनत, धैर्य और लगातार प्रयासों का परिणाम तब मिला जब उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में शानदार प्रदर्शन किया। बेहतर रैंक हासिल करने के बाद उनका चयन असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर हुआ।

युवाओं के लिए बनी प्रेरणा

विवेक यादव की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो असफलताओं से निराश हो जाते हैं। उनका सफर यह संदेश देता है कि सफलता का रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन लगातार प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर बड़ी से बड़ी मंजिल भी हासिल की जा सकती है।

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