RBI Alert: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से फैल रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 30 जून 2026 से कागजी नोटों का प्रचलन समाप्त कर देगा और उनकी जगह प्लास्टिक करेंसी जारी की जाएगी। इस दावे ने लोगों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि, सरकार की फैक्ट-चेक एजेंसी ने इस खबर को पूरी तरह गलत बताया है।
क्या था वायरल दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए जा रहे पोस्ट और वीडियो में कहा गया कि RBI जल्द ही देशभर में कागज से बने नोटों को बंद करने जा रहा है। दावा किया गया कि 30 जून 2026 से प्लास्टिक मुद्रा लागू कर दी जाएगी और पुराने नोट अमान्य हो जाएंगे। इस खबर के सामने आने के बाद कई लोगों ने इसे 2016 की नोटबंदी से जोड़कर देखना शुरू कर दिया।
सरकार ने बताई सच्चाई
वायरल दावों के बढ़ने के बाद केंद्र सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक इकाई PIB Fact Check ने मामले की जांच की। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि RBI की ओर से कागजी नोटों को बंद करने या उनकी जगह प्लास्टिक नोट लागू करने संबंधी कोई घोषणा नहीं की गई है।
PIB ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहा कि 30 जून 2026 तक कागजी मुद्रा हटाने की कोई योजना मौजूद नहीं है और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं।
अफवाहों से बचने की अपील
फैक्ट-चेक एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें। RBI या भारत सरकार से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए संबंधित विभागों की आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित प्लेटफॉर्म का ही सहारा लें।
फर्जी खबरें फैलाने वालों पर रखें नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अक्सर बिना सत्यापन के खबरें वायरल हो जाती हैं, जिससे आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में किसी भी संवेदनशील आर्थिक या वित्तीय सूचना को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच करना बेहद जरूरी है।
RBI द्वारा 30 जून से कागजी नोट बंद करने और प्लास्टिक करेंसी लागू करने की खबर पूरी तरह फर्जी साबित हुई है। सरकार और RBI की ओर से ऐसी कोई योजना घोषित नहीं की गई है। इसलिए लोगों को अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।

