भारत की पहली Bullet Train का काउंटडाउन शुरू! 320 Kmph की रफ्तार, जानिए कब दौड़ेगी हाई-स्पीड रेल

Bullet Train: देश के लोगों का बुलेट ट्रेन का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। देश में बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। 2027 के अंत तक बुलेट ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा।

Bullet Train: जब से बुलेट ट्रेन का ऐलान हुआ है तब से देश के लोग बेसब्री से बुलेट ट्रेन के चलने का इंतजार कर रहे हैं और अब जल्द ही लोगों का इंतजार खत्म होने वाला है। मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है और सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक यात्रियों के लिए इस परियोजना को शुरू कर दिया जाए।

जानकारी के अनुसार शुरुआती चरण में गुजरात से सूरत और बिलिमोरा के बीच 50 किलोमीटर लंबे क्षेत्र पर बुलेट ट्रेन को चलाया जाएगा। दूरी को तय करने में मात्र 5 से 7 मिनट का समय लगेगा।

यहां बुलेट ट्रेन की शुरुआत होने के बाद देश के अन्य भागों में भी बुलेट ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। आपको बता दे की बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद जो सफर तय करने में आज घंटे का समय लगता है में ही तय हो जाएगी। सबसे बड़ी बात है कि रेल मंत्री का कहना है कि किराया भी अधिक नहीं रखा जाएगा ताकि आम जनता भी बुलेट ट्रेन में सफर कर पाए।

508 किलोमीटर लंबा होगा हाई-स्पीड कॉरिडोर

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 508 किलोमीटर है। यह परियोजना महाराष्ट्र और गुजरात के प्रमुख शहरों को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। ट्रैक का बड़ा हिस्सा एलिवेटेड बनाया जा रहा है ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

इन प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी बुलेट ट्रेन

परियोजना के तहत कुल 12 स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इनमें मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी), ठाणे, विरार और बोइसर के अलावा गुजरात के वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। इन स्टेशनों को व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्रों के नजदीक विकसित किया जा रहा है।

320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी रफ्तार

बुलेट ट्रेन की परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है। इतनी तेज रफ्तार के साथ मुंबई से अहमदाबाद के बीच की यात्रा करीब 2 घंटे 7 मिनट में पूरी की जा सकेगी। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में कई घंटे लग जाते हैं।

जापानी तकनीक से मिलेगा सुरक्षित सफर

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में जापान की प्रसिद्ध शिनकानसेन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। दुनिया भर में यह तकनीक अपनी सुरक्षा, समयबद्धता और विश्वसनीयता के लिए जानी जाती है। परियोजना को जापान का तकनीकी और वित्तीय सहयोग भी प्राप्त है।

समुद्र के नीचे बनेगी विशेष रेल सुरंग (Bullet Train)

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की सबसे खास विशेषताओं में से एक समुद्र के नीचे बनने वाली सुरंग है। मुंबई क्षेत्र में प्रस्तावित यह अंडरवाटर टनल देश की पहली ऐसी रेल सुरंग होगी, जो आधुनिक इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण मानी जा रही है।

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