Income Tax update: 15 जून से पहले निपटा लें यह जरूरी टैक्स काम, चूक गए तो देना पड़ सकता है अतिरिक्त ब्याज

Income Tax update: अगर आप टैक्स भरने वाले नागरिक हैं तो 15 जून 2026 की तारीख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आयकर नियमों के तहत एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है।

Income Tax update: अगर आप टैक्स भरने वाले नागरिक हैं तो 15 जून 2026 की तारीख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आयकर नियमों के तहत एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। समय रहते भुगतान नहीं करने पर करदाताओं को अतिरिक्त ब्याज और वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ सकता है।

क्या होता है एडवांस टैक्स?

एडवांस टैक्स वह व्यवस्था है जिसके तहत करदाता पूरे साल के अनुमानित टैक्स का भुगतान किस्तों में करते हैं। इसे “कमाई के साथ कर भुगतान” प्रणाली भी कहा जाता है। यदि किसी व्यक्ति की सालाना टैक्स देनदारी 10 हजार रुपये से अधिक बनती है, तो उसे निर्धारित समयसीमा के भीतर एडवांस टैक्स जमा करना आवश्यक होता है।

किन लोगों पर लागू होता है यह नियम?

सिर्फ व्यापारियों ही नहीं, बल्कि कई नौकरीपेशा लोगों को भी एडवांस टैक्स भरना पड़ सकता है। बैंक एफडी से मिलने वाला ब्याज, मकान किराया, शेयर या म्यूचुअल फंड से होने वाला कैपिटल गेन, डिविडेंड आय या फ्रीलांसिंग से हुई कमाई जैसी आय पर भी टैक्स देनदारी बन सकती है। ऐसे मामलों में एडवांस टैक्स का भुगतान जरूरी हो जाता है।

एडवांस टैक्स की चार महत्वपूर्ण किस्तें

आयकर विभाग ने एडवांस टैक्स भुगतान के लिए पूरे वित्तीय वर्ष में चार चरण तय किए हैं।

  • 15 जून: कुल टैक्स देनदारी का 15%
  • 15 सितंबर: कुल देनदारी का 45%
  • 15 दिसंबर: कुल देनदारी का 75%
  • 15 मार्च: 100% टैक्स भुगतान

पहली किस्त जमा करने की अंतिम तारीख अब नजदीक है, इसलिए करदाताओं को समय रहते अपनी देनदारी का आकलन कर भुगतान कर देना चाहिए।

देरी हुई तो कितना होगा नुकसान?

यदि कोई करदाता तय समय पर एडवांस टैक्स जमा नहीं करता या निर्धारित राशि से कम भुगतान करता है, तो आयकर अधिनियम की धारा 234B और 234C के तहत ब्याज लगाया जा सकता है। इससे टैक्स का कुल बोझ बढ़ जाता है और बाद में अधिक राशि चुकानी पड़ सकती है।

घर बैठे ऐसे भर सकते हैं एडवांस टैक्स

करदाता ऑनलाइन माध्यम से भी आसानी से एडवांस टैक्स जमा कर सकते हैं। इसके लिए आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर ई-पे टैक्स विकल्प चुनना होगा। इसके बाद असेसमेंट ईयर, एडवांस टैक्स विकल्प और चालान 280 का चयन करें। आवश्यक जानकारी भरने के बाद नेट बैंकिंग, यूपीआई या डेबिट कार्ड के जरिए भुगतान किया जा सकता है।

भुगतान सफल होने पर चालान रसीद जारी होती है, जिसे भविष्य के रिकॉर्ड और आयकर रिटर्न दाखिल  करने के दौरान सुरक्षित रखना चाहिए।

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