Pune Murder Case: पुणे में सामने आए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने एक नया भावनात्मक मोड़ ले लिया है। इस बार चर्चा किसी पुलिस कार्रवाई या जांच की नहीं, बल्कि आरोपी युवती के पिता के उस बयान की है जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी। उन्होंने साफ कहा कि यदि अदालत उनकी बेटी को हत्या का दोषी ठहराती है तो उसके लिए किसी तरह की रियायत नहीं होनी चाहिए और कानून जो सबसे कड़ी सजा तय करे, वही दी जाए।
पिता बोले- कानून से ऊपर कोई नहीं
आरोपी युवती के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एक पिता होने के नाते उनके लिए यह पूरा घटनाक्रम बेहद दर्दनाक है। उन्होंने बताया कि बेटी की गिरफ्तारी की खबर सुनने के बाद उन्हें गहरा सदमा लगा और उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बावजूद उनका कहना है कि न्याय सबसे ऊपर है और यदि अदालत उपलब्ध सबूतों के आधार पर उनकी बेटी को दोषी मानती है तो उसे किसी भी तरह की राहत नहीं मिलनी चाहिए।
बेटी पर अब भी विश्वास, लेकिन न्याय पहले
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आज भी विश्वास करना मुश्किल लगता है कि उनकी बेटी ऐसा अपराध कर सकती है। उनके मुताबिक परिवार के सामने जो तस्वीर रही है, उसमें बेटी ने कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया जिससे इस तरह की घटना की कल्पना की जा सके। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत भावनाएं न्यायिक प्रक्रिया से बड़ी नहीं हो सकतीं और अंतिम फैसला अदालत का ही माना जाएगा।
भावुक होकर कही चौंकाने वाली बात
बातचीत के दौरान पिता भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यदि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद यह साबित हो जाता है कि उनकी बेटी ने अपराध किया है तो उसे सबसे कठोर दंड मिलना चाहिए। उन्होंने गुस्से और दुख में यह भी कहा कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, यदि वही कानूनन संभव होता तो वहीं उसी तरह की सजा मिलनी चाहिए। हालांकि भारत में किसी भी मामले में सजा केवल कानून और अदालत के तय प्रावधानों के अनुसार ही दी जाती है।
क्या है पूरा मामला? (Pune Murder Case)
पुलिस के अनुसार 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले के पास केतन अग्रवाल की मौत हुई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस घटना के पीछे पहले से बनाई गई साजिश हो सकती है। पुलिस ने आरोपी युवती और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है तथा दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की जांच जारी है और अंतिम सच अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।
जांच अभी जारी, फैसला अदालत करेगी
इस पूरे मामले में पुलिस लगातार सबूत जुटा रही है। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी घोषित किए जाने तक उसे दोषी नहीं माना जा सकता। इसलिए इस मामले में भी अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
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